
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार स्थित सूखी नदी के पास पुल निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान भूमिगत टनल टूटने से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया और निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए टनल को तोड़े जाने पर सवाल उठाए। यह टनल अंग्रेजों के जमाने की है और इसका ऐतिहासिक महत्व है।
पूर्व पार्षद लखनलाल चौहान ने बताया कि करीब 900 मीटर लंबी यह भूमिगत टनल लोकनाथ घाट से भीमगोड़ा कुंड तक जाती है। इसी टनल के जरिये गंगा का पानी भीमगोड़ा कुंड तक पहुंचाया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुल के पिलर के लिए जगह बनाने के दौरान जेसीबी से खुदाई की गई, जिसमें टनल का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। स्थानीय लोगों ने निर्माण कर्मचारियों को टनल के बारे में जानकारी देकर काम रोकने को भी कहा था। इसके बावजूद किसके निर्देश पर टनल तोड़ी गई, यह जांच का विषय है। पार्षद सुमित चौधरी ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही के कारण पौराणिक भीमगोड़ा कुंड तक जाने वाली टनल को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों को सूचना देने के बाद जल्दबाजी में मलबा डालकर क्षतिग्रस्त हिस्से को ढक दिया गया। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से मामले की शिकायत की। अधिकारियों ने बातचीत में आश्वासन दिया कि क्षतिग्रस्त टनल को दोबारा बनवाने की कार्रवाई की जाएगी। लोगों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
हंगाम करने वालों में सुशील कंडवाल, प्रशांत शर्मा, अमित अग्रवाल, गंगा शर्मा, मुन्ना वर्मा, सुमित मोहन, महादेव पांडे, अभिषेक रोहेला और अभिषेक गुप्ता शामिल रहे।



