
हरिद्वार। नाग पंचमी के पर्व पर प्राचीन श्री हनुमान मंदिर स्थित घाट पर सोमवार को धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। ब्राह्मणों ने विधि-विधान से नाग देवता का पूजन कर काल सर्प दोष निवारण की कामना की। साथ ही देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई।
पूजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच नाग देवता का अभिषेक किया गया। इसके बाद पुष्प, फल, दूध और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर घाट पर हुए धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान पूरा वातावरण मंत्रोच्चारण और धार्मिक जयघोष से भक्तिमय बना रहा।
मंदिर के व्यवस्थापक महंत रवि पुरी महाराज ने कहा कि नाग पंचमी सनातन धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन नाग देवता की पूजा करने की विशेष धार्मिक मान्यता है। उन्होंने कहा कि काल सर्प दोष से निवारण और जीवन में सुख-शांति की कामना को लेकर नाग पंचमी पर विशेष पूजा कराई गई। इसके साथ ही देश और प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे, इसके लिए भी प्रार्थना की गई।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं में प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण का विशेष संदेश दिया गया है। नाग पंचमी का पर्व भी इसी भावना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने लोगों से धार्मिक परंपराओं का पालन करने के साथ ही जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।



