

महाविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया 80वाँ स्वतंत्रता दिवस।
15 अगस्त 2026
हरिद्वार।
एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हरिद्वार में आज 15 अगस्त 2026 को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी जी महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी जी महाराज द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का सामूहिक गान किया गया जिसके पश्चात राष्ट्रगान हुआ तथा उपस्थित सभी लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों एवं देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान का स्मरण कराता है, जिनके संघर्ष के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं को अपनी ऊर्जा एवं प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में करना चाहिए।
श्रीमहंत ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को आत्मसात करते हुए आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ आगे बढ़ना ही सशक्त भारत की आधारशिला है। श्रीमहंत ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करते हुए देश के विकास में योगदान देना चाहिए।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उच्च शिक्षा निदेशक द्वारा भेजे गए संदेश को पढ़कर सुनाया। प्रो बत्रा ने कहा कि आजादी केवल अधिकारों का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने और उनका निर्वहन करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।
प्राचार्य डॉ. बत्रा ने कहा कि भारत आज आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में युवा पीढ़ी को ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत, कविताएं प्रस्तुत की गईं। विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता आंदोलन के महानायकों के योगदान को स्मरण करते हुए राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान पूरा महाविद्यालय परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत नजर आया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, एन.एस.एस. एवं विभिन्न छात्र समितियों से जुड़े विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने, संविधान के मूल्यों का सम्मान करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।



