उत्तराखंड

टाट वाले बाबा के 31 वा वार्षिक वेदांत सम्मेलन मनाया

हरिद्वार। वेदांत वेत्ता श्री टाट वाले बाबा के 31 वे वार्षिक वेदांत सम्मेलन आज भक्ति एवं वेदांत की गंगा में गुरु वंदना से बिरला घाट पर कोरोनावायरस महामारी के चलते सूक्ष्म रूप से प्रारंभ हुआ।

इस अवसर पर स्वर्गाश्रम से आये भक्त हरिहरानंद ने कहा की टाट वाले बाबा मां गंगा जी के अनन्य उपासक थे ,उन्होंने गंगा के तट पर रहकर हमेशा गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता का संदेश जन-जन को दिया और इसी का परिणाम यह है कि आज भी टाट वाले बाबा के श्रद्धालु पूर्ण निष्ठा के साथ मां गंगा की निर्मलता एवं अविरलता का ध्यान रखते हैं।
मां कृष्णमयी ने टाट वाले बाबा को स्मरण करते हुए कहा कि इस युग में इस तरह के संत का दर्शन बहुत पुण्य कर्मों के द्वारा ही प्राप्त होता हैं
महीषी देवी ने टाट वाले बाबा को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा की गरीबदासीय आश्रम के ब्रह्मलीन डॉ श्याम सुंदर शास्त्री टाट वाले बाबा को ठाट वाले बाबा के नाम से संबोधित करते थे ।वास्तव में टाट वाले बाबा वीतरागी एवं भौतिक सुख साधनों से दूर रहने वाले थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी रुपए पैसे धन का स्पर्श नहीं किया।
इस अवसर पर टाट वाले बाबा जी के परम शिष्य संजय कुमार बत्रा,विजय शर्मा,रमा वोहरा, भावना गौर ,कोशिलया सोनेजा ,भावना ,डॉ सुनील कुमार बत्रा ,राम चन्द्र आदि ने टाट वाले बाबा, स्वामी जगदीश मुनि, समाधि सेविका माता लक्ष्मी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित एवं संस्मरण प्रस्तुत किये। टाट वाले बाबा की लिखी पुस्तक असंभव कुछ नहीं सब संभव है वास्तव में सभी समस्याओं का हल इस पुस्तक में मिल जाता है यह एक अलौकिक ग्रंथ हैं।
मातृशक्ति की ओर से माता कृष्ण मयी मां, सुश्री महेश देवी ,श्रीमती मधु गौड़ ,सुश्री भावना गौड़, आदि द्वारा भी श्रृद्धा सुमन एवं भजन के द्वारा अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किये । कार्यक्रम का संचालन संजय बत्रा के द्वारा किया गया।

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