उत्तराखंडहरिद्वार

प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह

 

*विद्या भारती के संस्कार और शिक्षा मॉडल की मुख्यमंत्री ने की सराहना, कहा— भारत को विश्वगुरु बनाने में युवाओं की होगी अहम भूमिका*

*मुख्यमंत्री ने किया आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण*

*हरिद्वार, 27 जुलाई, 2026*

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका रुड़की में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उत्कृष्ट सफलता यह सिद्ध करती है कि परिश्रम, अनुशासन और संस्कार के बल पर हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा और भविष्य की सभी परीक्षाओं एवं जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि विद्या भारती ने सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा देकर देशभर में शिक्षा और संस्कार की मजबूत नींव रखी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में गोरखपुर से प्रारंभ हुआ सरस्वती शिशु मंदिर आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। वर्तमान में विद्या भारती देशभर में लगभग 13 हजार औपचारिक एवं 12 हजार अनौपचारिक विद्यालयों के माध्यम से करीब 45 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान कर रही है। उत्तराखंड में 562 विद्यालयों में लगभग सवा लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने संगठन के सभी आचार्यों, स्वयंसेवकों एवं कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाया है। सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, जूते-बैग वितरण, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, भारत भ्रमण कार्यक्रम, मॉडल कॉलेजों की स्थापना, आईटी लैब एवं छात्रावास निर्माण जैसे अनेक कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘कौशलम्’ कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इसके अलावा यूपीएससी, एनडीए और सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आगे की तैयारी के लिए 50 हजार की वित्तीय सहायता भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे भारत के वर्तमान और भविष्य हैं। उनके ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता के बल पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा और भारत पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा।

*कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण भी किया।*

कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर,रुड़की श्रीमती कौशल्या देवी आर्या,केंद्रीय संगठन मंत्री विद्या भारती डोमेशवर साहू, मंत्री भारतीय शिक्षा समिति डॉ रजनीकांत शुक्ला, निर्देशक आई आई टी रुड़की कमल किशोर पंत,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल,जिलाध्यक्ष भाजपा रुड़की डॉ मधु सिंह, राज्यमंत्री श्यामवीर सिंह सैनी,दिनेश कौशिक, अजीत चौधरी,आदेश सैनी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, उप जिलाधिकारी भगवानपुर भगवानपुर देवेंद्र नेगी सहित विभिन्न जिलों से आये अभिभावक छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

lakshyaharidwar

Lakshya Haridwar Pallavi Genral Store, Gali No -3 Birla Farm, haripur klan, Dehradun 9411111512

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button