

हजारों शिष्यों और श्रद्धालुओं के साथ नया अखाड़ा उदासीन से हरकी पैड़ी तक निकाली पदयात्रा, ललतारौ पुल पर हुआ भव्य स्वागत
हरिद्वार। कुंभ-2027 को दिव्य और भव्य बनाने के संकल्प के साथ संतों ने गंगा स्वच्छता, राष्ट्रीय एकता और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का संदेश देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को श्री पंचायती नया अखाड़ा उदासीन कनखल से मिश्री मठ के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी करौली शंकर महाराज के नेतृत्व में हजारों शिष्यों और श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी तक पदयात्रा निकाली। संतों की मौजूदगी में निकली पदयात्रा के माध्यम से गंगा की निर्मलता, राष्ट्र की एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
पदयात्रा प्रारंभ करने से पूर्व स्वामी करौली शंकर महाराज ने कहा कि संकल्प से ही सिद्धि संभव है। प्रतिकूल मौसम और भारी बारिश के बावजूद जिस अनुशासन और श्रद्धा के साथ हजारों भक्तों ने दंडवत यात्रा पूरी की, वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायी संदेश है। उन्होंने कहा कि दंडवत यात्रा दिव्य एवं भव्य कुंभ की कामना, मां गंगा की स्वच्छता और निर्मलता, राष्ट्र की एकता-अखंडता तथा सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के संकल्प के साथ संपन्न हुई।
उन्होंने कहा कि नया अखाड़ा उदासीन से हरकी पैड़ी तक निकाली गई पदयात्रा का उद्देश्य कुंभनगरी से पूरे देश को गंगा संरक्षण और मानवता की सेवा का संदेश देना है। मठ में नियमित रूप से होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों से साधकों में भक्ति भाव जागृत होता है और भक्ति से ही सेवाभाव का जन्म होता है। श्रद्धालुओं ने दंडवत यात्रा के दौरान जो संकल्प लिया है, वह समाज को मां गंगा की स्वच्छता और निर्मलता के प्रति जागरूक करने में सहायक होगा।
पदयात्रा में श्री पंचायती नया अखाड़ा उदासीन के अध्यक्ष महंत धूनीदास, कोठारी महंत नितिन दास, महंत सुतीक्ष्ण मुनि, संस्था प्रबंधक डॉ. उमेश सचान, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिरुद्ध भाटी, अनिरुद्ध शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, स्वामी बुध मुनि, संत गुरमीत सिंह सहित हजारों श्रद्धालु शामिल रहे।
ललतारौ पुल पहुंचने पर व्यापारी नेता विजय शर्मा, अंकेश भाटी, विशाल गुप्ता, पार्षद सचिन कुमार, पार्षद दीपक शर्मा, सचिन शर्मा, गोस्वामी गगनदीप दत्त, राघव ठाकुर, रूपेश शर्मा, गोपी सैनी, अंकुर राजपूत, नितिन गिरि और गुलशन अरोड़ा सहित अन्य लोगों ने पदयात्रा का भव्य स्वागत किया।



