
करवाचौथ के दिन अवकाश के बीच भी किया स्थलीय निरीक्षण, पंतद्वीप से चंडी चौक तक व्यवस्थाएं परखीं, निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
हरिद्वार। आसमान से बरसती बारिश, करवाचौथ का व्रत और महिला अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए घोषित अवकाश भी कुंभ-2027 की तैयारियों में जुटीं मेलाधिकारी सोनिका के कदम नहीं रोक सके। भारी बारिश के बीच मेलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम के साथ मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति परखी और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। पंतद्वीप से लेकर रोड़ी-बेलवाला, चंडी चौक और ललतारौ पुल क्षेत्र तक निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ किया कि कुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और भीड़ प्रबंधन मेला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनकी कार्यशैली महिला सशक्तिकरण और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल के रूप में भी सामने आई।
गुरुवार को मेलाधिकारी सोनिका ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रमुख मार्गों, पुलों, घाटों, प्लेटफॉर्म और निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों के साथ मौके पर ही व्यवस्थाओं में जरूरी सुधार और कार्ययोजनाओं को लेकर चर्चा की गई।
पंतद्वीप में भीड़ प्रबंधन पर जोर
निरीक्षण की शुरुआत कांगड़ा पुल और संजय पुल के संगम के निकट पंतद्वीप की नोज वाले क्षेत्र से हुई। कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में मार्गों और प्लेटफॉर्म की स्थिति परखी गई। मेलाधिकारी ने कहा कि संतों और श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित वातावरण में गंगा स्नान कराने के लिए व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त की जा रही हैं।
उन्होंने क्षेत्र में अनुपयोगी और क्षतिग्रस्त पोल हटाने, खंभों और पेड़ों से लटक रहे तारों, रस्सियों और अन्य अनावश्यक सामग्री को हटाने के निर्देश दिए। घाटों और प्लेटफॉर्म को व्यवस्थित रखने के साथ साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा घाटों और पुलों के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य जल्द पूरे करने को कहा।
अंडरपास और सड़कों के काम में तेजी लाने के निर्देश
इसके बाद अधिकारियों ने रोड़ी-बेलवाला में निर्माणाधीन प्रशासनिक मार्ग का निरीक्षण किया। चंडी पुल पर बन रहे डबल लेन अंडरपास की प्रगति भी देखी गई। कुंभ के दौरान यातायात को सुचारु रखने में इस परियोजना की अहमियत को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
चंडी चौक से वाल्मीकि चौक की ओर जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण और सुधार कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़क निर्माण में तेजी लाने के साथ पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए। यातायात संचालन को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक इंतजाम समय से पूरे करने पर जोर दिया गया।
बारिश में भी लैपटॉप पर करती रहीं समीक्षा
निरीक्षण के दौरान बारिश के बीच भी मेलाधिकारी सोनिका अपने लैपटॉप पर तैयारियों की समीक्षा करती रहीं। विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़ी कार्ययोजनाओं को डिजिटल प्रारूप में परखने और दर्ज करने के साथ अधिकारियों से प्रगति की जानकारी लेती रहीं। मेला प्रशासन निर्माण कार्यों के साथ उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं की भी लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं सोनिका
करवाचौथ के दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से महिला कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अवकाश की घोषणा के बीच मेलाधिकारी सोनिका का बारिश में निरीक्षण करना उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है। कुंभ जैसे बड़े आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहीं महिला अधिकारी के रूप में उनकी भूमिका महिला सशक्तिकरण की चर्चा को भी मजबूती देती है। चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी के बीच तैयारियों को गति देने की उनकी सक्रियता प्रशासनिक कार्यशैली का अहम पक्ष बनकर सामने आई।
निरीक्षण के दौरान उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, पीआईयू के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुश, यूपी डीसीसीसी के परियोजना प्रबंधक आशीष भट्ट समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



