
महंत केदार पुरी बोले- पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति लगाए कम से कम एक पौधा
हरिद्वार, 20 जुलाई। हरेला पर्व के अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत शांतिकुंज ऑटो विक्रम मालिक-चालक कल्याण समिति द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत केदार पुरी जी ने किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बड़ी संख्या में पौधे रोपे गए तथा लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया।
महंत केदार पुरी ने कहा कि वर्षा ऋतु वृक्षारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और संतुलित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में यूनियन के संरक्षक राजीव भट्ट, दीपक उप्रेती एवं पार्षद सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का भी संकल्प लें। उनका कहना था कि पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही संभव है और समाज के प्रत्येक वर्ग को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
यूनियन के अध्यक्ष हरीश अरोड़ा ने कहा कि शांतिकुंज ऑटो विक्रम मालिक-चालक कल्याण समिति समय-समय पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रही है। वृक्षारोपण अभियान भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हरित और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
इस अवसर पर धर्मशाला प्रबंधक समिति के कोषाध्यक्ष सोनू शर्मा, ऑटो यूनियन के सचिव नरेंद्र सिंह रावत, उपाध्यक्ष दीपक पवार, कोषाध्यक्ष मुकेश रावत, राजेंद्र सिंह रावत, सनी अरोड़ा, व्यवस्थापक विनोद ठाकुर, मीडिया प्रभारी कपिल श्रीवास्तव, केशव शर्मा, मनोज शर्मा, नीरज कुमार, सुनील कुमार, हरीश साहनी, मनोज नेगी, हीरालाल, संजय पयल, रमेश नाथ गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में ऑटो चालक एवं मालिक उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प दोहराया।


