
हरिद्वार, आदिगुरु शंकराचार्य की जयंती के अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़े की ओर से शंकराचार्य चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। अखाड़े के सभी कार्यकर्ताओं ने आदिगुरु शंकराचार्य को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस मौके पर पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने देश के चारों कोनों में मठ स्थापित कर भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया। वे वेदों के प्रकांड विद्वान और महान समाज सुधारक थे, जिनके जीवन से आज भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य ने समाज को ढोंग और पाखंड के प्रति जागरूक करते हुए नई सोच प्रदान की। युवा पीढ़ी को वेदों का अध्ययन कर सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार में योगदान देना चाहिए। स्वामी कार्तिक महाराज और भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि आदि शंकराचार्य का जीवन मानव सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहा। उन्होंने समाज को एकता और सद्भाव का संदेश दिया तथा आडंबरों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। सभी को उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर समाज और देश के हित में कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम में सुनील प्रजापति, विनोद मिश्रा, कुलदीप शर्मा, आचार्य विष्णु, ऋषि शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



