विजय सुब्रह्मण्यम
हरिद्वार, सोशल मीडिया पर श्री पंचायती नया अखाड़ा उदासीन के महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव दास महाराज के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट के मामले में कानपुर पुलिस लगातार दबिश दे रह है और टिप्पणी करने वाले इनफ्यूलेंसर की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। लेकिन इस पोस्ट को लेकर अखाड़े के साधु संतों में गहरा आक्रोश है। रविवार को कनखल स्थित श्री पंचायती नया अखाड़ा उदासीन में संतों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में संत समाज ने मामले की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस से आरोपी की गिरफ्तारी कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अखाड़े के मुखिया महंत भगतराम महाराज ने कहा कि करौली शंकर महाराज सनातन संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। सनातन परंपरा और संतों के सम्मान पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उनको लेकर सोशल मीडिया के माध्यम भड़काऊ और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया गया है, जो निंदनीय है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई इस प्रकार की हरकत करने का साहस न कर सके।
अखाड़े के सचिव जगतार मुनि महाराज ने कहा कि करौली शंकर महाराज हमेशा शांति और सद्भाव का संदेश देते हैं। सनातनी योग और अध्यात्म से मनुष्यों के कष्ट दूर कर रहे हैं फिर भी कुछ लोग दूसरे धर्म की प्रशंसा और सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं। इस तरह के कृत्य समाज को बांटने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि मामले में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर दोषी को गिरफ्तार करे।बैठक में महंत दुर्गेशानंद सरस्वती, भगत दुर्गादास, नितिन दास और मौली दास समेत कई संत उपस्थित रहे।
जानिए पूरा मामला
गौर हो कि बीती आठ अप्रैल को करौली शंकर महाराज की शिष्या प्रियंका द्विवेदी ने कानपुर में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर गौतम खट्टर के खिलाफ कानपुर में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि गौतम खट्टर ने महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव दास महाराज के पट्टाभिषेक से जुड़ा वीडियो अपलोड कर उनके खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की। वीडियो के माध्यम से संत की छवि धूमिल कर उनके अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। लोगों को उकसाने वाले बयान दिए, जिनमें हिंसात्मक भाषा का प्रयोग भी शामिल है। साथ ही इससे समाज में अशांति और विद्वेष फैलने का खतरा है। इस मामले में कानपुर पुलिस ने धारा 299, 196 और 192 समेत कई धाराओं में गौतम खट्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। कानपुर पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी के लिए हरिद्वार में भी दबिश दी है।



