

अलकनंदा घाट पर कांग्रेस का धरना, बोले वरिष्ठ नेता- जनता की संपत्तियों पर सरकार जवाब दे, सिख समाज वर्षों से कर रहा जमीन की मांग
हरिद्वार। अलकनंदा होटल को लीज पर देने के मुद्दे ने हरिद्वार में ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारे की जमीन का मामला भी गरमा दिया है। कांग्रेस के धरने में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमणीक सिंह ने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि यदि सरकार अलकनंदा होटल को लीज पर दे सकती है तो ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारे के लिए जमीन लीज पर देने में क्या परेशानी है। उन्होंने कहा कि सिख समाज लंबे समय से ज्ञान गोदड़ी के लिए जमीन देने की मांग कर रहा है और कई बार प्रदर्शन भी कर चुका है, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है।
बुधवार को अलकनंदा घाट, रोड़ी बेलवाला में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी में प्रदेश सरकार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के धरने के दौरान रमणीक सिंह ने मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेशकीमती जमीन और सार्वजनिक संपत्तियां जनता की धरोहर हैं। इनके भविष्य से जुड़े फैसलों में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए।
रमणीक सिंह ने कहा कि अलकनंदा होटल को लीज पर देने के मामले में सरकार पूरी पारदर्शिता बरते। लीज की शर्तें, अवधि और वित्तीय प्रावधान सार्वजनिक किए जाने चाहिए। विकास और निवेश के नाम पर जनता के अधिकारों से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब अन्य संपत्तियां लीज पर देने का निर्णय लिया जा सकता है तो ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारे के लिए भी जमीन लीज पर देने पर सरकार को विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ज्ञान गोदड़ी की जमीन का मामला सिख समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग से जुड़ा है। सरकार को इस पर गंभीरता से पहल कर समाधान निकालना चाहिए। कांग्रेस जनहित और प्रदेश की संपत्तियों की रक्षा के साथ जनता की मांगों को लेकर आवाज उठाती रहेगी।
‘भूमि बचाओ, धामी हटाओ’ का दिया नारा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग के नेतृत्व में आयोजित धरने में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘भूमि बचाओ, धामी हटाओ’ का नारा लगाकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। कांग्रेस नेताओं ने अलकनंदा होटल और संबंधित भूमि की लीज प्रक्रिया, संपत्ति के मूल्यांकन, आवंटन और राजस्व संबंधी विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।



