उत्तराखंडहरिद्वार

कुंभ की चमक के बीच उत्तरी हरिद्वार बदहाल, 2010 से करपात्री चौक को सौंदर्यीकरण का इंतजा

 

हरिद्वार। 2027 कुंभ को भव्य बनाने के लिए शहर के चौराहों को चमकाने और संवारने की तैयारी जोर पकड़ चुकी है, लेकिन कुंभ की तैयारियों की इस चमक के बीच उत्तरी हरिद्वार एक बार फिर उपेक्षा का शिकार नजर आ रहा है। संतों की तपस्थली और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रमुख धार्मिक क्षेत्र में शामिल करपात्री चौक वर्ष 2010 के कुंभ के बाद से अपने सौंदर्यीकरण का इंतजार कर रहा है। हैरानी यह है कि 2021 में जिन चौराहों का सौंदर्यीकरण कराया जा चुका है, वहां फिर से काम कराया जा रहा है, जबकि उत्तरी हरिद्वार के प्रमुख तिराहे-चौराहे अब भी विकास योजनाओं की सूची में जगह तलाश रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि कुंभ से पहले अगर इस क्षेत्र की अनदेखी जारी रही तो यह प्रशासन की विकास योजनाओं पर सवाल खड़ा करेगा।

उत्तरी हरिद्वार में सप्तसरोवर, सप्तऋषि आश्रम सहित अनेक प्राचीन मंदिर, आश्रम और धार्मिक स्थल हैं। कुंभ और अन्य पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र में पहुंचते हैं। इसके बावजूद कई सड़कों की स्थिति खराब है और चौराहों के सौंदर्यीकरण के साथ जलनिकासी जैसी मूलभूत समस्याएं भी बनी हुई हैं।

व्यापारी नेता मांधाता गिरी ने कहा कि कुंभ की तैयारियों में उत्तरी हरिद्वार के घाटों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दूधियाबंद से सप्तऋषि आश्रम तक बने बांध का सौंदर्यीकरण कराने के साथ सभी घाटों का पक्का निर्माण कराया जाए। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी तथा कुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिल सकती है।

व्यापारी नेता पुनीत बजाज ने सप्तसरोवर रोड पर जलभराव की समस्या दूर कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मेला अधिकारी उत्तरी हरिद्वार की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र के चौराहों का सौंदर्यीकरण और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की दिशा में कार्रवाई करें।

lakshyaharidwar

Lakshya Haridwar Pallavi Genral Store, Gali No -3 Birla Farm, haripur klan, Dehradun 9411111512

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