
हमारी अखाड़ा परिषद ही वैध, अब नौ अखाड़ों का समर्थन:श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी
शिकायत गंभीर, निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे:श्रीमहंत हरि गिरि महाराज
हरिद्वार। जूना अखाड़े में शुक्रवार को आयोजित साधु-संतों की बैठक में अखाड़ों की एकजुटता और आगामी कुंभ मेले की तैयारियों पर मंथन हुआ। बैठक में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज, महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज समेत विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा मौजूद रहे।
बैठक के दौरान पंजाब से आए श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के सचिव महंत गणेश दास के नेतृत्व में संतों ने निरंजनी गुट वाली अखाड़ा परिषद को अपना समर्थन देने की घोषणा की। इसके बाद परिषद की ओर से दावा किया गया कि अब उसे नौ अखाड़ों का समर्थन प्राप्त हो गया है। परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिक से अधिक अखाड़ों को साथ जोड़कर संगठन को मजबूत किया जा रहा है।
महंत गणेश दास ने आरोप लगाया कि उनके अखाड़े के कुछ संत परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में देवताओं का परंपरानुसार स्नान तक नहीं कराया जा रहा, जो अखाड़े की प्राचीन परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने इस संबंध में अखाड़ा परिषद को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि उनकी किसी अन्य अखाड़ा परिषद से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। उनकी अखाड़ा परिषद ही वैध परिषद है और अब उसे नौ अखाड़ों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले में सभी समर्थक अखाड़े एकजुट होकर शाही स्नान की परंपरा का निर्वहन करेंगे तथा सनातन परंपराओं की गरिमा बनाए रखेंगे।
अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि महंत गणेश दास की शिकायत गंभीर है। अखाड़ा परिषद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी। आवश्यकता पड़ने पर मामले को शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाया जाएगा और विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परिषद सभी अखाड़ों की परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।



