
सनातन को आगे बढ़ाने में अखाड़ों की अहम भूमिका-साध्वी ऋतम्भरा
सनातन का संरक्षण ही संत समाज का उद्देश्य-श्रीमहंत रविंद्रपुरी
हरिद्वार, 22 अप्रैल। दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा ने मनसा देवी और श्री दक्षिण काली मंदिर में दर्शन पूजन किया और निरंजनी अखाडे में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंदपुरी से भेंट कर सनातन के उत्थान एवं संऱक्षण संवर्द्धन पर चर्चा की। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने मां मनसा देवी की चुनरी भेंटकर साध्वी ऋतभ्भरा का स्वागत किया। साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि सनातन को आगे बढ़ाने और विश्व स्तर पर प्रचारित प्रसारित करने में अखाड़ों की अहम भूमिका है। अखाड़ों के संरक्षण में सनातन पूरे विश्व को प्रभावित कर रहा है। पूरी दुनिया में लोग सनातन परंपरांओं को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ मेले के आयोजन से सनातन संस्कृति पूरे विश्व को आलोकित करेगी। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि संत समाज का उद्देश्य ही सनानत का संरक्षण करते हुए समाज को धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर कर सांस्कृतिक रूप से एकजुट करना है। संतों के प्रयास से समस्त सनातन जगत एकजुट होकर अपनी परंपरांओं से जुड़ रहा है। जिससे भारत विश्व गुरू के रूप में दुनिया को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करने के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दीदी मां ऋतम्भरा संत समाज की आदर्श और प्रेरणास्रोत हैं। उनके सानिध्य में करोड़ों लोग सनातन को मजबूत करने में योगदान कर रहे हैं। इस अवसर पर भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, स्वामी कपिलानंद सरस्वती, साध्वी चेतना, स्वामी सत्यश्रेय, साध्वी सहृदय, साध्वी शिरोमणि, स्वामी सत्यशील, स्वामी सत्यश्रवा, साध्वी सत्य श्रु ति, साध्वी सत्य निष्ठा, साध्वी सत्य समिधा, स्वामी सत्य आलोकानंद, अमित वालिया, संजय आदि मौजूद रहे।


