

हरिद्वार। भारतीय किसान क्रान्ति यूनियन के प्रथम राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन हरिद्वार के अलखनंदा मैदान में किसानों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन हजारों किसानों की उपस्थिति ने संगठन की बढ़ती लोकप्रियता और किसानों के बीच उसकी मजबूत पकड़ को दर्शाया।
शिविर में किसानों के हक, सम्मान, अधिकारों तथा उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर व्यापक चर्चा की गई। वक्ताओं ने किसानों को संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने और संगठन को देशभर में मजबूत करने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट ऋषि मिश्रा ने कहा कि संगठन के गठन को अभी तीन माह भी पूर्ण नहीं हुए हैं, लेकिन चिंतन शिविर में उमड़ी हजारों किसानों की भीड़ इस बात का संकेत है कि किसान अब अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एक मजबूत मंच की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सभी किसान साथियों, माताओं-बहनों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से किसानों और कार्यकर्ताओं की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि भारतीय किसान क्रान्ति यूनियन का संदेश देश के कोने-कोने तक पहुंच रहा है। यह जनसमर्थन संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि संगठन किसानों के हक, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करता रहेगा।
शिविर में प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव बबलू, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट नरेश यादव, प्रदेश संरक्षक बलराम सिंह राठौर, प्रदेश प्रभारी उत्तराखंड नीरज प्रताप सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि उमेश यादव, राष्ट्रीय प्रतिनिधि मोनिश खान तथा सलाहकार तेजवीर सिंह सहित विभिन्न राज्यों से आए किसान नेताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने किसान हितों की रक्षा और संगठन को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। शिविर में उमड़ी ऐतिहासिक भीड़ को किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।



