
हरिद्वार, 8 जून। भारतीय किसान क्रान्ति यूनियन का तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर सोमवार को उत्साह, जोश और अनुशासन के साथ संपन्न हो गया। शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान साथियों ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
शिविर के दौरान किसानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। फसलों के उचित मूल्य, सिंचाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, आवारा पशुओं की समस्या तथा किसान सम्मान सहित अन्य किसान हितों के विषयों को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा। अधिकारियों ने किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर में संगठन की मजबूती, किसान एकता और भविष्य की रणनीतियों पर भी मंथन किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वाले पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर उनके समर्पण और मेहनत की सराहना की गई।
समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि किसानों की एकजुटता और संगठन की मजबूती ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। तीन दिनों तक चले इस शिविर में प्रदर्शित अनुशासन, समर्पण और एकता ने यह संदेश दिया कि भारतीय किसान क्रान्ति यूनियन आने वाले समय में किसानों की आवाज को और अधिक मजबूती के साथ राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।
संगठन की ओर से शिविर में पहुंचे सभी पदाधिकारीगण, कार्यकर्ताओं, माताओं-बहनों एवं किसान साथियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग को शिविर की सफलता का आधार बताया गया।



