
धनतेरस से ईगास-बग्वाल तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी; पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य
हरिद्वार। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ पूजा समेत आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएं फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने के साथ ही आतिशबाजी की दुकानों, भीड़ नियंत्रण, यातायात और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर मजिस्ट्रेट, हरिद्वार, लक्सर और भगवानपुर के उपजिलाधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि धनतेरस छह नवंबर, दीपावली आठ नवंबर, गोवर्धन पूजा दस नवंबर, भैयादूज 11 नवंबर, छठ पूजा 14 और 15 नवंबर तथा ईगास-बग्वाल 20 नवंबर को मनाई जाएगी।
डीएम ने खाद्य पदार्थों में थूकने जैसी घटनाओं के सोशल मीडिया पर वायरल होने का उल्लेख करते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सत्यापन अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश दिए। ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई कर कानून व्यवस्था बिगड़ने से रोकने को कहा। साथ ही सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली पोस्ट, आपत्तिजनक टिप्पणियों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नहीं लगेंगी पटाखों की दुकानें
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पटाखों की दुकानें और भंडारण की अनुमति भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर खुले मैदानों में सीमित संख्या में दी जाए। दुकानों पर अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम अनिवार्य होंगे। बिना सुरक्षा व्यवस्था के किसी भी दुकान को अनुमति नहीं दी जाएगी। पटाखों की गुणवत्ता की जांच के साथ अवैध भंडारण और मिलावटी पटाखों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा और यातायात पर विशेष ध्यान
धनतेरस और भैयादूज पर बाजारों में महिलाओं की अधिक आवाजाही को देखते हुए छेड़छाड़, चेन स्नेचिंग, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। बाजारों में अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित न हो, इसके लिए भी प्रभावी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिरों और शोभायात्रा मार्गों पर भगदड़ की स्थिति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
छठ घाटों पर सफाई, रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम
छठ पूजा के दौरान नदियों और तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, आवागमन और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जुलूस और शोभायात्राओं के दौरान रास्तों में अवरोध उत्पन्न होने तथा आपसी विवाद की स्थिति से बचने के लिए भी पहले से व्यवस्था करने को कहा गया है।
डीएम ने कनखल, रुड़की, ज्वालापुर और बहादराबाद समेत संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, पार्किंग स्थलों, धार्मिक स्थलों, बाजारों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने को कहा। किसी संदिग्ध वस्तु या साम्प्रदायिक घटना की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल और जनपदीय अभिसूचना इकाई को सक्रिय रहने के निर्देश देते हुए कहा कि अफवाहों का तत्काल खंडन किया जाए और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था, शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।



