

एमसीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्थापना दिवस पर हुआ वार्षिक बौद्धिक कार्यक्रम, हवन के साथ संस्था की उपलब्धियों को किया याद
हरिद्वार। कनखल स्थित एमसीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में संस्था के स्थापना दिवस पर 90 वर्ष की गौरवशाली शैक्षिक यात्रा को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुकुल कांगड़ी के पूर्व प्रोफेसर आचार्य मनु देव के सानिध्य में हवन के साथ हुआ। वार्षिक बौद्धिक कार्यक्रम में संस्था की उपलब्धियों और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए भविष्य में शिक्षा को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि संस्था की स्थापना वर्ष 1936-37 में हुई थी। करीब नौ दशक के सफर में संस्था से जुड़े विभिन्न शिक्षण संस्थानों ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। समय के साथ इन संस्थानों को विभिन्न शिक्षा बोर्ड और विश्वविद्यालयों से संबद्धता एवं मान्यता मिली। वर्तमान में एमसीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल समेत महिला शिक्षा से जुड़े संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
संस्था के सचिव डॉ. अशोक शास्त्री ने कहा कि 90 वर्षों की यात्रा केवल संस्थानों के विस्तार की कहानी नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण की यात्रा है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराना संस्था की प्राथमिकता रही है। आने वाले समय में भी संस्था शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करेगी।
संस्था की प्रबंधक डॉ. वीणा शास्त्री ने कहा कि बदलते दौर में शिक्षा के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान और तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। संस्था अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए आधुनिक शिक्षा पद्धतियों को अपनाकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
निदेशक डॉ. विशाखा कुमार ने कहा कि 90 वर्षों की शैक्षिक विरासत संस्था के लिए गौरव के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। पूर्वजों द्वारा स्थापित मजबूत शैक्षिक नींव को आगे बढ़ाते हुए नई पीढ़ी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है। विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ रचनात्मकता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
प्रधानाचार्य नीलम बख्शी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ विकसित करना भी जरूरी है। विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर नए प्रयास करता रहेगा।
कार्यक्रम में महिला डिग्री कॉलेज की प्राचार्य शशि प्रभा, महिला महाविद्यालय की निदेशक अल्पना शर्मा, महिला इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य रेखा पुरोहित और ऋतु सिंह ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि संस्था की नौ दशक लंबी शैक्षिक यात्रा उपलब्धियों से भरी रही है। संस्था ने हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रतिभाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस अवसर पर संस्था से जुड़े विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, शिक्षक, कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद रहे।



