
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार के सप्तसरोवर मार्ग स्थित कृष्ण प्रणामी निजधाम के बाहर बारिश के कारण हुए जलभराव के बीच करंट लगने से एक साधु की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद कांग्रेस महानगर महासचिव तुषार कपिल ने प्रशासन और संबंधित विभागों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे घोर लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह कोई आकस्मिक हादसा नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का नतीजा है।
तुषार कपिल ने जारी बयान में कहा कि वार्ड नंबर-1 में हुई यह घटना जनता की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर बिजली के तारों और खुले विद्युत उपकरणों की शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन संबंधित विभागों ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि गुरु पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर, जब विभिन्न आश्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे, उस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी चूक अक्षम्य है।
उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार की लापरवाही के कारण कोई और बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने प्रशासन से मांग की कि घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही करंट की चपेट में आए साधु के परिजनों को उचित मुआवजा तथा सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि क्षेत्र के सभी सार्वजनिक स्थलों, आश्रमों के आसपास तथा मुख्य मार्गों पर लटक रहे बिजली के तारों, खुले ट्रांसफार्मरों और विद्युत बॉक्सों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
तुषार कपिल ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और संबंधित विभाग 24 घंटे के भीतर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाते हैं, तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।



