उत्तराखंडहरिद्वार

प्रेस क्लब में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर किया संगोष्ठी का आयोजन

एआई के युग में भी प्रिंट मीडिया के बिना रह नहीं सकते हैं – भगत सिंह कोश्यारी

समाज को आईना दिखाने का काम करती है पत्रकारिता-स्वामी कैलाशानंद गिरी

1857 की क्रांति में हिंदी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका-प्रो.गोविंद सिंह

हरिद्वार, 30 मई। हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब हरिद्वार की ओर से द्विशताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथी पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल पद्मभूषण से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी एवं मुख्य वक्ता मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार गोपाल रावत को स्व.मधुकांत प्रेमी एवं राहुल वर्मा को स्व.पीएस चौहान स्मृति पुरूस्कार प्रदान किया। साथ ही पत्रकारिता की पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष एवं मीडिया कांउसिल की अपरिहार्यकर्ता विषय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद सिंह ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रमों की श्रंखला आयोजित करने पर प्रेस क्लब हरिद्वार बधाई का पात्र है। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास संघर्षपूर्ण रहा है। उस समय अंग्रेजी के अखबार चलते थे जिसमें सभी कर्मचारी और पाठक भी अंग्रेज ही होते थे। उसके बाद बंगला, फारसी और उर्दू के अखबार शुरू हुए। कोलकाता को अखबारों की जननी कहा जाता था, वहां से जुगल किशोर शुक्ल ने 1826 में उदंत मार्तंड नाम से पहला हिंदी भाषी साप्ताहिक अखबार शुरू किया। डेढ़ साल चलने वाले इस अखबार ने अपने मापदंड और छाप छोड़ दी। उसके बाद 1857 की क्रांति में भी हिंदी पत्रकारिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1935 के बाद अखबारों ने आजादी की लड़ाई में ऐतिहासिक कार्य किए थे। इसके बाद बड़ी संख्या में हिंदी के अखबार शुरू हुए क्योंकि लोगो को उम्मीद थी कि हिंदी भारत की राजभाषा बन जाएगी। आजादी के बाद इमरजेंसी लगी और उसके बाद हिंदी पत्रकारिता का सुधार हुआ। नब्बे के दशक के बाद टीवी और डिजिटल मीडिया का युग आ गया। डिजिटल युग ने लोगों को लिखने की स्वतंत्रता प्रदान की। लेकिन इसमें कई खामियां भी हैं। लेकिन इस सब के बीच प्रिंट मीडिया ने आज भी अपनी विश्वनीयता कायम रखा है। पूर्व राज्यपाल पद्मभूषित भगत सिंह कोश्यारी ने सभी आयोजकों को शुभकानाएं दी और प्रेस क्लब हरिद्वार को उत्तराखंड का आदर्श प्रेस क्लब बताया। उन्होंने कहा कि मां गंगा के पावन तट पर वर्नाकुलर और भाषायी प्रेस जैसे शब्द विलुप्त हो जाएंगे। अब समय आ गया है कि अपने अस्तित्व के लिए भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाएं और ऐसे शब्दों का प्रयोग करें ताकि नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बन सकें। कहा कि उदंत मार्तंड पहला साप्ताहिक अखबार कोलकाता में आज से दो सौ साल पहले शुरू हुआ था, यह प्रकट करता है कि एक दिन ऐसा भी आएगा कि चेन्नई से भी इसका उदय होगा। देश के पहले प्रधानमंत्री अंग्रेजी माहौल में पढ़े थे। इसलिए जनता भी उसी माहौल का अनुसरण करने लगती हैं। आज देश के प्रधानमंत्री ट्रंप जैसे वैश्विक नेताओं से हिंदी में बात करते हैं। इसलिए अब उन लोगों को भी हिंदी की आवश्यकता आन पड़ी है। आज देश के महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में बेहतर हिंदी बोली जा रही है। एआई के युग में भी हम प्रिंट मीडिया के बिना रह नहीं सकते हैं। भारत के अंदर आज भी आध्यात्मिक इंटेलिजेंस का कोई जवाब ही नहीं है और उसकी पहुंच बहुत आगे है। आज देश का मुखिया जिस दिशा में चल रहा है, जनता भी उसी दिशा में चल रही है। देश विकास और विरासत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वो मायानगरी मुंबई को छोड़कर मायापुरी हरिद्वार में आए हैं। वो दिन भी आएगा, जब भारत अखंड भारत बनेगा और उसमें मायापुरी का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज को आईना दिखाने का काम करती है। समाज में घट रही घटनाओं को विश्वसनीयता से रखना ही सच्ची पत्रकारिता कहलाती है। निर्भीक होकर अपने मिशन को पूरा करना चाहिए। सच्चाई समाज के आगे आएगी तो देश मजबूत होगा। प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकार समाज के सजग प्रहरी के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष गौरव पूर्ण रहे हैं। अगली पीढ़ी का दायित्व है कि इस गौरव को और आगे ले जाए। प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेद्र चौधरी, महामंत्री सूर्यकांत बेलवाल ने कहा कि श्रंखलाबद्ध कार्यक्रम हिंदी पत्रकारिता के गौरवपूर्ण कार्यक्रमों के आयोजन लगातार संचालित हैं। समाज को हिंदी के महत्व को समझने की आवश्यकता है। मीडिया जगत लगातार हिंदी भाषा को प्रसिद्धि दिलाने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने सभी अतिथीयों को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया और आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार दीपक नौटियाल ने किया। इस अवसर पर संयोजक समिति के सुनील दत्त पांडे, आदेश त्यागी, दीपक नौटियाल, काशीराम सैनी, मेहताब आलम, गुलशन नैय्यर, श्रवण झा, रामचंद्र कन्नौजिया, अमित शर्मा, नरेश गुप्ता, राजकुमार, दीपक मिश्रा, डा.शिवा अग्रवाल, सुनील पाल, बालकृष्ण शास्त्री, आशीष मिश्रा, नरेश दीवान शैली, रोहित सिखौला, आनन्द गोस्वामी, परमजीत सिंह राणा, एसके अरोड़ा, रूपेश वालिया, लव शर्मा, रामेश्वर शर्मा, महेश पारीख, कुलभूषण शर्मा, राधिका नागरथ, मंजू नेगी, कुमकुम शर्मा, प्रतिभा वर्मा, सुनील मिश्रा, संदीप शर्मा, केके पालीवाल, गोपाल कृष्ण पटुवर, संजय रावल, जोगेंद्र मावी, सुभाष कपिल, चंद्रशेखर जोशी, कौशल सिखोला, महावीर नेगी, मुदित अग्रवाल, मनोज सोही, अमित गुप्ता, त्रिलोकचंद्र भट्ट सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और अतिथी शामिल रहे।

lakshyaharidwar

Lakshya Haridwar Pallavi Genral Store, Gali No -3 Birla Farm, haripur klan, Dehradun 9411111512

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button