

हरिद्वार। कनखल स्थित एम.सी.एस. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सतीकुंड में 25 से 27 मई 2026 तक तीन दिवसीय शिक्षक शिक्षा-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की मुख्य प्रशिक्षक दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग की संकाय सदस्य डॉ. लतिका गुप्ता रहीं।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को एकीकृत एवं परियोजना आधारित शिक्षण पद्धति से परिचित कराना था। प्रशिक्षण के दौरान “बाघ” और “बिजली” जैसे विषयों के माध्यम से यह समझाया गया कि विभिन्न विषय किस प्रकार किसी एक विषय की समग्र समझ विकसित करने में योगदान देते हैं।
कार्यशाला में लिंग समानता जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षकों ने अधिगम प्रक्रिया पर सामाजिक कारकों के प्रभाव को समझते हुए अपने विचार साझा किए। साथ ही प्रायोगिक शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को ऑडियो एवं वीडियो उपकरणों के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह कार्यशाला शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और विद्यालय में बेहतर अधिगम वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर स्कूल की निदेशिका डॉ. विशाखा कुमार एवं प्रधानाचार्या नीलम बख्शी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यशाला में ऋतु सिंह, राखी राणा, शिवानी जोशी, राहुल कश्यप, शिवानी गौड़, अरुण कुमार, चरणजीत कौर, मनीषा आहूजा, शमिता तिवारी, शिल्पा रानी, सीमा रानी, वर्णिका चौहान, अर्चना त्रिपाठी, आरती सैनी, सिमरन बत्रा, डिंपल शर्मा, जहान्वी नरूला, दिव्या कश्यप, यशी कश्यप, रूचि गुप्ता, हर्ष मित्तल, आकांक्षा शर्मा, सोनम अरोड़ा, सारिका मित्तल, दीपिका शर्मा, अश्विका चौधरी, गीता भारती, रोशनी, मोहिता चावला, आयुष कुमार, दीपा शर्मा, विनीत कुमार अग्रवाल, दीपा पुनिया, निखिल चौहान एवं गौरव शर्मा सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।


