

विजय सुब्रह्मण्यम, हरिद्वार।
धर्मनगरी हरिद्वार में करोड़ों रुपये खर्च कर फ्लाईओवर तो बना दिए गए, लेकिन शहरवासियों और श्रद्धालुओं को जाम से अब तक राहत नहीं मिल पाई है। शनिवार को वीकेंड के चलते शहर के अधिकांश मार्गों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहा। हाईवे से लेकर सर्विस लेन तक हर तरफ जाम ही जाम दिखाई दिया।

दूधाधारी चौक, भीमगोड़ा, खड़खड़ी, रेलवे रोड, बिरला पुल मार्ग, वाल्मीकि चौक और शंकराचार्य चौक जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हाईवे पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लगने से सुबह से लेकर लगभग दस बजे तक वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। जाम के कारण स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आए श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थिति इतनी खराब रही कि दोपहर के समय एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली। कई श्रद्धालु पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाते नजर आए, जबकि स्थानीय लोग घंटों तक जाम में फंसे रहने को मजबूर रहे।
लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर बनने के बावजूद शहर के उत्तरी क्षेत्र की सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। जगह-जगह टूटी सड़कें, अधूरे निर्माण कार्य, संकरी सर्विस लेन और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था जाम की बड़ी वजह बन रही हैं। वहीं वीकेंड और पर्यटन सीजन में बाहरी वाहनों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के दावे तो करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। लोगों ने शहर की खराब सड़कों की मरम्मत, ट्रैफिक प्लान को मजबूत करने और प्रमुख चौकों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है, ताकि हरिद्वार को लगातार लगने वाले जाम से राहत मिल सके।



