देहरादून, 25 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य, रोजगार, सहकारिता, ऊर्जा और सैनिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही शहीद सैनिकों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनके पैतृक गांवों में मूर्तियां स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
सहकारिता क्षेत्र को मिलेगा नया ढांचा
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 प्रख्यापित करने को मंजूरी दी। नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, व्यावसायिक और आत्मनिर्भर बनाना है। इसमें महिला एवं युवा सशक्तीकरण, रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन, कृषि मूल्य श्रृंखला के विकास और पलायन से पुनर्वास पर विशेष जोर दिया गया है।
वेतन मैट्रिक्स में संशोधन
सरकारी सेवकों के वेतन निर्धारण से संबंधित वेतन मैट्रिक्स में संशोधन को मंजूरी दी गई। लेवल-13 क के बाद वर्तमान लेवल-15 और 16 के स्थान पर क्रमश: लेवल-14 और लेवल-15 किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम फैसले
प्रदेश में औषधियों, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन पर सहमति दी गई। साथ ही चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग के लिए नई सेवा नियमावली को मंजूरी मिली।
हरिद्वार स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज की 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ जमीन राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए 99 वर्ष की लीज पर देने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। यहां बीएसएल-3 स्तर की सुविधाएं विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
उपनल कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन
कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य के बदले समान वेतन देने की प्रक्रिया को तीन चरणों में लागू करने पर सहमति दी। पहले चरण में एक जनवरी 2016 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों पर कार्यवाही चल रही है। दूसरे चरण में एक जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया एक अप्रैल 2027 से शुरू होगी।
अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ
सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। इसके लिए छह संविदा पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद शामिल है।
1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अडानी पावर लिमिटेड से 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने को मंजूरी दी गई। कुल टैरिफ 5.746 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। यूपीसीएल को संबंधित बिजली आपूर्ति समझौते और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अधिकृत किया गया है।
शहीद सैनिकों की गांवों में लगेंगी मूर्तियां
कैबिनेट ने उत्तराखंड के शहीद सैनिकों के सम्मान में बड़ा फैसला लेते हुए उनकी मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने पर सहमति दी। सरकार का उद्देश्य शहीदों के बलिदान और वीरता को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। इससे गांवों में शहीदों की स्मृतियां चिरस्थायी होंगी और युवाओं को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी।
अन्य प्रमुख फैसले
कैबिनेट ने ग्रीन सेस से संबंधित प्रावधानों में संशोधन, लोकायुक्त खोजबीन समिति के लिए नियमावली, आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026, कारागार उप कारापाल सेवा नियमावली में संशोधन तथा यूयूएसडीए के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी।
यूयूएसडीए में विभिन्न विकास परियोजनाओं के संचालन के लिए 94 अस्थायी पदों के सृजन को मंजूरी मिली। रिस्पना नदी किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को काठबंगला में निर्मित 116 आवास आवंटित किए जाएंगे। अंत्योदय फाउंडेशन को कैंसर रोगियों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर स्थापित करने के लिए संपत्ति की गिफ्ट डीड पर 8.87 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी में छूट देने का फैसला भी किया गया।
इसके अलावा उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिनियम-2026 को मंजूरी, उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के 22 तृतीय श्रेणी और 63 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में सेवा स्थानांतरण पर भेजने तथा अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी कैबिनेट ने सहमति प्रदान की।



