Haridwar news तीन महीने बाद जागीं अमेरिकन आश्रम की प्रबंधक,संतों पर लगाए कब्जे के आरोप

परमजीत कौर बोलीं- भूमाफिया ने दीवार खड़ी कर कब्जाने की कोशिश की, विदित शर्मा का पलटवार- जब विवाद चल रहा था तब कहां थीं?
लक्ष्य हरिद्वार ब्यूरो हरिद्वार, 4 अक्टूबर। तीन महीने से सुर्खियों में चल रहे अमेरिकन आश्रम का विवाद रविवार को फिर गरमा गया। भूपतवाला स्थित स्वामी देवानंद भारत भक्ति आश्रम की प्रबंधक परमजीत कौर अचानक प्रेस क्लब पहुंचीं और आश्रम की जमीन पर कब्जे, संपत्ति खुर्द-बुर्द करने और धमकाने के आरोप लगाकर प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाई। उन्होंने कुछ संतों पर भी भूमाफिया से मिलीभगत का आरोप लगाया। उनके आरोपों के सामने आते ही प्रेस जारी बयान में भाजयुमो नेता विदित शर्मा ने सवाल दाग दिया कि जब जमीन को लेकर विवाद चल रहा था तो तीन महीने तक प्रबंधक कहां थीं?
परमजीत कौर ने पत्रकारों से वार्ता में आरोप लगाया कि आश्रम की भूमि पर कब्जा करने के उद्देश्य से कुछ लोगों ने षड्यंत्र के तहत दीवार खड़ी कर दी। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद अब तक जमीन को कब्जामुक्त नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि आश्रम की संपत्ति बचाने की कोशिश करने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।
कुछ संतों पर भूमाफिया से मिलीभगत का आरोप
परमजीत कौर ने आरोप लगाया कि कुछ संत भी भूमाफिया के साथ मिलकर आश्रम की जमीन पर कब्जे की कोशिश में शामिल हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आश्रम की संपत्ति को सुरक्षित कराने की मांग की।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता मनोज सैनी ने आश्रम की कनाडा निवासी स्वामिनी ईस्टर फ्रीड से व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत कराई और आश्रम से जुड़ी जानकारी पत्रकारों के सामने रखी। उन्होंने कहा कि धार्मिक संपत्ति पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। उनके अनुसार आश्रम की स्वामिनी ने भी प्रशासन से आश्रम की सुरक्षा और बाहरी लोगों के हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है।
मनोज सैनी ने आरोप लगाया कि कुछ भगवा वेशधारी लोग भूमाफिया के साथ मिलकर आश्रम पर कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि आश्रम को बचाने के लिए किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।

तीन महीने बाद क्यों उठाया मामला?
दूसरी ओर प्रेस में जारी बयान में भाजयुमो नेता विदित शर्मा ने प्रबंधक के आरोपों पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि यदि आश्रम की जमीन पर कब्जा हो रहा था तो इसकी सूचना उसी समय पुलिस और प्रशासन को दी जानी चाहिए थी। उन्होंने सवाल किया कि जब विवाद तीन महीने से चल रहा था तो अब प्रेस क्लब पहुंचकर मामला क्यों उठाया गया?
विदित शर्मा ने कहा कि शहर के कई संगठन और लोग पहले से ही इस मामले को लेकर आवाज उठा रहे थे। ऐसे में अब प्रबंधक के सामने आने के बाद प्रशासन को पूरे मामले की तह तक जाना चाहिए।
पटवारी पर आरोप तो पैमाइश की भी हो जांच
जमीन की पैमाइश को लेकर पटवारी पर लगाए गए आरोपों पर विदित शर्मा ने कहा कि यदि राजस्व कर्मचारी ने नियमों के विपरीत पैमाइश की है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से राजस्व अभिलेखों की जांच कराने के साथ ही पैमाइश की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कराने की मांग की।
‘देर आए, दुरुस्त आए’
विदित शर्मा ने कहा कि परमजीत कौर ने खुद ‘देर आए, दुरुस्त आए’ की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें धमकी मिल रही है तो वह उनके साथ खड़े हैं, लेकिन प्रशासन को आरोपों की जांच तथ्यों के आधार पर करनी चाहिए।
उन्होंने हरिद्वार के आश्रमों की भूमि और संपत्तियों का सत्यापन कराने की भी मांग की। कहा कि जांच में जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अब आश्रम की जमीन, कथित कब्जे, पैमाइश और प्रबंधन से जुड़े सवालों पर प्रशासन की जांच से ही विवाद की असली तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।



