भगवान श्रीचंद्र के आदर्शों को आत्मसात कर मानव सेवा का संकल्प लें : महंत दामोदर दास
532वीं जयंती पर दीनबंधु चिकित्सालय में निशुल्क नेत्र शिविर, बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया लाभ

अयोध्या। उदासीनाचार्य जगद्गुरु भगवान श्रीचंद्र जी की 532वीं जयंती के उपलक्ष्य में मानव सेवा का संदेश देते हुए दीनबंधु चिकित्सालय, अयोध्या में दो दिवसीय निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर लगाया गया। महंत दामोदर दास महाराज के सौजन्य से आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर आंखों की जांच और उपचार का लाभ उठाया। शिविर में निशुल्क नेत्र जांच के साथ मोतियाबिंद ऑपरेशन, चश्मे और आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।

शिविर में चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। जांच के दौरान मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को चिन्हित कर ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क चश्मे और दवाइयां भी दी गईं। शिविर में पहुंचे लोगों को आंखों की नियमित जांच और देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।

महंत दामोदर दास महाराज ने कहा कि उदासीनाचार्य भगवान श्रीचंद्र जी का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके विचार आज भी समाज को सेवा और परोपकार की प्रेरणा देते हैं। भगवान श्रीचंद्र जी की जयंती पर जरूरतमंदों की सेवा करना उनके आदर्शों को वास्तविक रूप में आगे बढ़ाने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना संत परंपरा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। नेत्र चिकित्सा शिविर के माध्यम से ऐसे लोगों तक उपचार पहुंचाना उद्देश्य है, जो आर्थिक कारणों से अपनी आंखों का इलाज नहीं करा पाते। उन्होंने कहा कि मानव सेवा के ऐसे कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
शिविर में उपचार और सुविधाओं का लाभ लेने पहुंचे लोगों ने आयोजन के लिए महंत दामोदर दास महाराज का आभार जताया। आयोजन में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, संतों और सेवादारों ने मरीजों की सहायता में सहयोग किया।



