
1588 युवाओं से शुरू हुई मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना, पहले चरण में 10 हजार युवाओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
हरिद्वार। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहाड़ से देहरादून और दूसरे बड़े शहरों की दौड़ लगाने वाले युवाओं के लिए अब तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना शुरू कर इसकी पहली कड़ी में 1588 युवाओं को जोड़ा। पहले चरण में 10 हजार युवाओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना शुरू होने से दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम भुल्लर ने कहा कि योजना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि अब पहाड़ के युवाओं को अच्छी कोचिंग के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कई प्रतिभावान युवा संसाधनों और महंगी कोचिंग के कारण पीछे रह जाते हैं। ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलने से उन्हें अपने घर और गांव से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही अवसर और उचित मार्गदर्शन देने की है। इसी उद्देश्य से युवाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू की गई है।
योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका लाभ खास तौर पर पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले युवाओं को मिलेगा। अभी तक बेहतर कोचिंग के लिए उन्हें घर छोड़कर बड़े शहरों में जाना पड़ता था। इसके लिए किराया, रहने और कोचिंग की फीस का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था।
भुल्लर ने कहा कि 1588 युवाओं से शुरू हुई यह पहल पहले चरण में 10 हजार युवाओं तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाली है। गांव-कस्बों में रहने वाला कोई प्रतिभावान युवा केवल संसाधनों की कमी के कारण प्रतियोगिता से बाहर न हो, यही इस योजना की सबसे बड़ी सार्थकता है।
उन्होंने कहा कि युवा किसी भी प्रदेश की ताकत होते हैं। उन्हें सही दिशा और अवसर मिले तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना इसी सोच को आगे बढ़ाने वाली पहल है।



