उत्तराखंडहरिद्वार

उमेश्वर धाम के महंत आशीष भारती का हुआ संतो की गरिमामय उपस्थिति में उत्तराधिकारी महंत के पद पर पट्टाभिषेक

 

सनातन परंपराओं और आश्रम की व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने में महंत आशीष भारती निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका : महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती

हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार भूपतवाला क्षेत्र की प्रख्यात धार्मिक संस्था उमेश्वर धाम में श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं पट्टाभिषेक समारोह कार्यक्रम में उमेश्वर धाम की परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती महाराज के सानिध्य में महंत आशीष भारती को उत्तराधिकारी महंत घोषित किया गया।संत समाज ने

उमेश्वर धाम की परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती महाराज के सानिध्य एवं संत-महंतों और महामंडलेश्वरों ने महंत आशीष भारती को उत्तराधिकारी महंत पद की चादर विधि करके आश्रम की धार्मिक परंपराओं, व्यवस्थाओं एवं सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर उमेश्वर धाम की परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती महाराज ने कहा कि महंत आशीष भारती ने बचपन से ही सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि आशीष भारती एक योग्य एवं संस्कारवान शिष्य हैं, जिन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

महामंडलेश्वर स्वामी उमा भारती ने कहा कि महंत आशीष भारती को महंत पद की जिम्मेदारी सौंपे जाने से उमेश्वर धाम की धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्हें विश्वास है कि महंत आशीष भारती संत परंपरा का निर्वहन करते हुए आश्रम की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा सनातन धर्म एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

महंत ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा कि महंत आशीष भारती लंबे समय से सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी उमा भारती महाराज ने अपने योग्य शिष्य को उमेश्वर धाम की व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपकर गुरु-शिष्य परंपरा की एक महत्वपूर्ण मिसाल प्रस्तुत की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि महंत आशीष भारती संत समाज के मार्गदर्शन में आश्रम की धार्मिक गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

श्रीमहंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में योग्य और संस्कारवान शिष्यों को जिम्मेदारी सौंपने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। जब कोई शिष्य गुरु के बताए मार्ग पर चलते हुए धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाता है तो यह गुरु के लिए भी गौरव का विषय होता है। उन्होंने महंत आशीष भारती को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे आश्रम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ ही सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दें।

महंत शिवानंद भारती महाराज ने कहा कि महंत आशीष भारती को बचपन से ही वैदिक शिक्षा, धार्मिक संस्कार और सनातन संस्कृति का ज्ञान प्रदान कर उन्हें योग्य शिष्य के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि महंत आशीष भारती ने अपने जीवन को धर्म, समाज सेवा और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पित किया है। अब उन्हें महंत पद की जिम्मेदारी मिलने से वे और अधिक ऊर्जा एवं समर्पण के साथ आश्रम की व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।

महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि महाराज ने एवं महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरि ने संयुक्त रूप में कहा कि सनातन धर्म की महान परंपराएं गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से ही पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती रही हैं। उमेश्वर धाम में महंत पद पर आशीष भारती का पट्टाभिषेक इसी परंपरा की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महंत आशीष भारती के नेतृत्व में आश्रम धार्मिक आयोजनों, संत सेवा, समाज सेवा और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ेगा।

जूना अखाड़ा के पूर्व सचिव श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज के संचालन में पट्टाभिषेक समारोह में उपस्थित संत-महंतों एवं श्रद्धालुओं ने महंत आशीष भारती को चादर विधि कर शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर

बाबा बलराम दास हठयोगी,

श्रीमहंत दुर्गा दास महाराज

श्रीमहंत देवानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरि, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि,महंत कामेश्वर पुरी,,पूनम गिरि,स्वामी जयानंद गिरि,भक्त दुर्गादास,महामंडलेश्वर हीराबल्लभ दास शास्त्री, प्रह्लाद दास,पार्षद महावीर वशिष्ठ,आई डी शास्त्री सहित संतो महंतो ने चादर विधि कर शुभकामनाएं दी।

lakshyaharidwar

Lakshya Haridwar Pallavi Genral Store, Gali No -3 Birla Farm, haripur klan, Dehradun 9411111512

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button