उत्तराखंडहरिद्वार

कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने सभी पुरातन छात्र छात्राओं का शॉल ओढ़ाकर सम्मान सम्मानित किया

हरिद्वार: एसएमजेएन पीजी कॉलेज में पुरातन छात्र-छात्राओं के समागम “मिलन की उमंग” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कालेज के पूर्व छात्र-छात्राओं, पूर्व प्राध्यापकों, पूर्व प्राचार्यों, वर्तमान प्राध्यापकों, कालेज प्रबंधन समिति का पुनर्मिलन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं कॉलेज प्रबंधन अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने की। जबकि मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश लोकपाल सिंह रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी, पूर्व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह, श्रीमहंत राम रत्न गिरी, प्राचार्य डा सुनील कुमार बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य व प्राध्यापकों में प्रो पीएस चौहान, डॉ एस एस जायसवाल, डॉ नरेश गर्ग, डॉ अवनीत कुमार धिल्डियाल, डॉ सरस्वती पाठक, डॉ आरडी उपाध्याय आदि का पुरातन छात्र छात्राओं ने स्वागत किया और अपने संसमरण साझा किये।


इस अवसर सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन भी पूर्व छात्र छात्राओं के द्वारा किया गया । कार्यक्रम का संचालन डॉ संजय माहेश्वरी और वैष्णवी झा ने सयुंक्त रूप से किया। पुरातन छात्र छात्राओं के मिलन की उमंग कार्यक्रम का आयोजन पुरातन छात्र छात्राओं की एग्जीक्यूटिव बॉडी की ओर से किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉक्टर सीए अवनीश कुमार पौधार, डॉ अतुल मगन, ओम प्रकाश जमदग्नि, एडवोकेट अरविंद शर्मा , प्रमोद शर्मा, डॉ एस के चौहान, डॉ मनोज सोही, डॉक्टर अजय पाठक , सुशील बहुगुणा एनडीटीवी, एडवोकेट नीरज गुप्ता, एडवोकेट उत्तम सिंह चौहान, डॉ गौरव गोयल, सीए गिरीश मोहन, सीए अर्पित वर्मा, सीए अंकित वर्मा, एडवोकेट फुरकान अली, डा सुगन्धा वर्मा, सीए अनुज गोयल, डॉ मौसमी गोयल, आदेश त्यागी, डॉ रंजना वर्मा, डॉ किरण बाली, डॉ ओम प्रकाश सिह,डॉ आराधना सक्सेना, डॉ संजीव शर्मा, संजय बहल, अजय बहल, मुकर्रम अन्सारी, नाहिद कुरेशी, सुनील दत्त पांडे , राजेश शर्मा, मनोज अग्रवाल, मेहताब आलम, आशीष मेहता, एडवोकेट गौरव, एडवोकेट सुधांशु सिंह, राजेंद्र भारद्वाज, संदीप अग्रवाल, रुपेश दत्त , अश्वनी कपूर, डॉक्टर सरोज शर्मा, डॉक्टर विनीता चौहान, विजय भंडारी, राज कुमार गुप्ता, संदीप झा, सन्दीप अगरवाल, रचित अगरवाल, दिव्यांश शर्मा, डॉ रजनी सिंघल, आस्था आनंद , अनन्या भटनागर, मधुर अनेजा का सहयोग रहा।

कालेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने सभी पुरातन छात्र छात्राओं का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुनील कुमार बत्रा ने कॉलेज की आख्या प्रस्तुत की। जिसमें उन्होंने बताया कि कॉलेज शिक्षा के क्षेत्र के अतिरिक्त सामाजिक एवं पर्यावरण सरक्षण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

डॉ बत्रा ने बताया कि विगत सत्र में कालेज को वाणिज्यिक शिक्षा के सर्वश्रेष्ठ कालेज के रूप में चयनित किया गया है । प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निरंजनी सुपर 33 बैच के माध्यम से छात्र छात्राओं को निशुल्क कोचिंग की एक अभिनव पहल की गयी है। जिससे प्रतिभावान बच्चों को सफलता के लिए नई पहचान मिलेगी। स्किल आधारित एड ओन पाठ्यक्रमों को प्रारम्भ किया जा रहा है, जिसमें पुरातन छात्र छात्राओं की भूमिका अहम रहेगी। पूर्व छात्र मेहताब आलम, अनन्या भटनागर , वैष्णवी उपाध्याय , शीना , विपुल रूहेला, डॉ अमिता मल्होत्रा, सुनील चौहान, सीए अविनाश पौधार आदि पूर्व छात्र छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम में श्रीमहंत रविन्द्र पुरी, पूर्व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह, श्री महंत रामरतन गिरी, प्राचार्य डा सुनील कुमार बत्रा ने उपस्थित सभी पुरातन छात्र छात्राओं को एन्टी ड्रग्स की शपथ दिलाई।

युवाओं को इस भंवर से दूर करने में उनकी भूमिका बताई। न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह ने कहा कि आप सभी एस एम जे एन कालेज एवं उत्तराखण्ड राज्य के ब्रांड एम्बेसडर हो आप अपने अपने राज्य एवं क्षेत्र में जाकर युवाओं को इस कुरीति से बाहर निकालने में अपनी अहम भूमिका का निर्वाह करे। कार्यक्रम में सीए अविनाश पोद्दार की पुस्तक का भी विमोचन किया गया। आदेश त्यागी एवं अन्य पुरातन छात्रों ने अपने कॉलेज से जुड़े हुए संस्मरणो को साझा किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ शिव कुमार चौहान, डॉ मनोज कुमार सोहि, डॉ सुगंधा वर्मा और कॉलेज स्टाफ से प्रो जगदीश चन्द्र आर्य, डॉ तेजवीर सिंह तोमर, विनय कुमार,डॉ मनमोहन गुप्ता, डॉ सरोज शर्मा, डॉ मोना शर्मा, डॉ आशा शर्मा, डॉ विनीता चौहान, दिव्यांश, विनीत सक्सेना, प्रिंस श्रोत्रिय, डॉ पूर्णिमा सुंदरियाल, डॉ रजनी सिंघल, डॉ रेणु सिंह, डॉ विजय शर्मा, श्री आलोक शर्मा, मोनू राम, शिव प्रसाद डंगवाल आदि का विशेष सहयोग रहा।

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