उत्तराखंडलोकसभा चुनाव 2024हरिद्वार

जिला निर्वाचन अधिकारी ने क्या दिए निर्देश,पढ़िए पूरी खबर 

अनुपस्थित पीठासीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश                                      

हरिद्वार  लोकसभा सामान्य निर्वाचन को सुचारू संपादन हेतु पीठासीन अधिकारियों का प्रथम प्रशिक्षण भेल के कन्वेंशन हॉल में दिया गया, जिन्हें मास्टर ट्रेनरों द्वारा दो पालियों में सैद्धान्तिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम दिवस 1041 पीठासीन अधिकारियों द्वारा प्रथम प्रशिक्षण लिया गया जबकि 22 पीठासीन अधिकारी अनुपस्थित रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बिना किसी ठोस कारण प्रशिक्षण में अनुपस्थित पीठासीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
   उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि यदि किसी कार्मिक का रिश्तेदार निर्वाचन लड़ता है तो उसकी सूचना से तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय को अवगत कराया जाए।
   जिला निर्वाचन अधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि लोकसभा निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी कार्मिक सौंपे गए कार्यो एंव दायित्वों का बखूबी निर्वहन करना सुनिश्चित करेगें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन से जुड़े सभी कार्मिक तटस्थ होकर कार्य करें, तथा मतदान पार्टियां अपने ही बूथ पर ही रात्रि विश्राम करें, इसकी जिम्मेदारी भी पीठासीन अधिकारी की होगी व किसी का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिकायत क्षम्य नही होगी। उन्होने कहा कि मतदान से पूर्व मॉकपोल अनिवर्य रूप से करायेगें तथा मॉकपोल में प्रत्येक प्रत्याशी को वोट डाले जाएं, मॉकपोल में कम से कम 50 मत का उपयोग जरूर किया जाए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि मतदान निर्धारित समय पर शुरू किया जाए, प्रत्येक दो घण्टे में मतदान सूचना कन्ट्रोल रूम को देना सुनिश्चित करेगें।   उन्होने कहा कि पीठासीन अधिकारी अपनी डायरी का अच्छी तरह अध्ययन कर ले साथ ही ईवीएम संचालन में दक्षता हासिल कर लें ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होने कहा जो भी शंकाए है उनका समाधान प्रशिक्षण के दौरान ही कर लें।
    उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारियों के साथ ही मतदान कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए सैद्धान्तिक के साथ ही ईवीएम का व्यवहारिक प्रशिक्षण गहनता से लें, ताकि  मतदान दिवस पर किसी प्रकार की परेशानी न आये। उन्होंने कहा मतदान में लगे सभी कर्मचारी कर्तव्यनिष्ठा एवं शालीनता से निर्वाचन कार्यो को संपादित करते हुए संपन्न कराये।
    उन्होंने कहा कि आर्दश आचार संहिता लगते ही हम सभी आयोग के अधीन हो जाते है, तटस्थ होकर निर्वाचन कार्य पारदर्शिता से संपन्न कराना हमारा दायित्व हैं। मतदान कर्मी टीम भावना से मिलजुल कर कार्यो को अंजाम दे। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी अभिकर्ताओं की मौजूदगी में मतदान से पूर्व मॉकपोल कराना अनिवार्य है। पीठासीन अधिकारी हस्तपुस्तिका का भलीभांति अध्ययन कर लें। मतदान बूथ में पीठासीन अधिकारी अनुशासन बनाये रखे, शालीनता से व्यवहार करें, ताकि शांतिपूर्ण, निर्वाध मतदान संपन्न हो सकें।
       नोडल अधिकारी प्रशिक्षण केएन तिवारी, मास्टर ट्रेनरों ने सैद्धान्तिक प्रशिक्षण में बारीकियों को समझाते हुए ईवीएम प्रशिक्षण के दौरान मतदान कार्मिक को विभिन्न  प्रपत्र भरने, ईवीएम को ऑन व ऑफ करने व सील करने के साथ ही बीयू, सीयू तथा वीवीपैट को संयोजित करने, खोलने और सील करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए हैंड्स ऑन प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही मास्टर ट्रेनरों ने मतदान हेतु सामग्री प्राप्त के तरीके, मतदान से पूर्व बूथ पर की जाने वाली कार्यवाही, मतदान शुरू करने, मतदान समाप्ति सहित सम्पूर्ण मतदान प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।
            ———–

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button