
मां भगवती की आराधना से जागृत होती है आध्यात्मिक चेतना: श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी
हरिद्वार। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर श्री मनसा देवी मंदिर में मां भगवती की विशेष पूजा-अर्चना कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन किया गया। हवन में प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की गई। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भक्तिमय वातावरण बना रहा। नवरात्र के अवसर पर चल रहे नौ दिवसीय अनुष्ठान के तहत श्रद्धालुओं ने मां मनसा देवी के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति और प्रदेश की उन्नति के लिए प्रार्थना की।
अष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। हवन के दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ मां भगवती का आह्वान किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र में अष्टमी का विशेष महत्व है। इस दिन मां दुर्गा की आराधना, हवन और पूजन कर श्रद्धालु सुख-समृद्धि तथा मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। मंदिर में आयोजित अनुष्ठान के माध्यम से भी प्रदेश की खुशहाली और समाज में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की गई।
श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी ने कहा कि शारदीय नवरात्र सनातन संस्कृति, आस्था और शक्ति उपासना का प्रमुख पर्व है। मां भगवती की आराधना व्यक्ति को आत्मबल, आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। नवरात्र केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और जीवन में सद्गुणों को अपनाने का अवसर भी है। मां दुर्गा की उपासना हमें धर्म, सत्य, सेवा और परोपकार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि हवन, पूजन और मंत्रोच्चार भारतीय सनातन परंपरा के महत्वपूर्ण अंग हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से व्यक्ति का आध्यात्मिक जुड़ाव मजबूत होता है और समाज में सद्भाव, सहयोग तथा जनकल्याण की भावना को प्रोत्साहन मिलता है। नवरात्र के पावन दिनों में श्रद्धालु मां भगवती की आराधना कर अपने परिवार और समाज के मंगल की कामना करते हैं।
श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी ने कहा कि श्री मनसा देवी मंदिर में नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया जा रहा है। अष्टमी पर हवन कर मां मनसा देवी से उत्तराखंड की निरंतर प्रगति, प्रदेशवासियों के सुखी जीवन और समाज में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की गई। उन्होंने मां भगवती से सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख-समृद्धि बनाए रखने तथा प्रदेश को खुशहाली और उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाने की कामना की।
इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल शर्मा, श्रीमहंत राजगिरि, सीमा गिरी और मंदिर प्रबंधक महेश दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



