
डॉ रविंद्र पुरी बोले- नासिक, हरिद्वार, उज्जैन और प्रयागराज कुंभ परिषद के नेतृत्व में होंगे
उज्जैन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को लेकर चल रही खींचतान के बीच मंगलवार को श्री पंच निर्मोही अणी अखाड़े ने मौजूदा परिषद के समर्थन का ऐलान कर दिया। उज्जैन में आयोजित बैठक में अखाड़े के पंचों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि निर्मोही अखाड़ा आगामी नासिक, हरिद्वार, उज्जैन और प्रयागराज कुंभ मेलों में मौजूदा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साथ रहेगा।
निर्मोही अणी अखाड़े में हुई बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत डॉ रविंद्र पुरी महाराज ने की। बैठक में निर्मोही अखाड़े के श्रीमहंत मदन मोहन दास महाराज, श्रीमहंत भगवान दास महाराज, श्रीमहंत सीताराम दास महाराज समेत सभी पंच मौजूद रहे। बैठक के बाद निर्मोही अखाड़े की ओर से परिषद को समर्थन देने की घोषणा की गई।
श्रीमहंत डॉ रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि निर्मोही अखाड़े के निमंत्रण पर शैव, निर्मल और उदासीन परंपरा के संत-महंत एक मंच पर आए। विचार-विमर्श के बाद सभी ने यह निर्णय लिया कि नासिक, हरिद्वार, उज्जैन और प्रयागराज के कुंभ मेलों का संचालन मौजूदा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के नेतृत्व में ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिषद पूरी तरह सक्रिय है और सभी परंपराओं के अखाड़ों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।
निर्मोही अखाड़े के श्रीमहंत मदन मोहन दास महाराज ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ रविंद्र पुरी महाराज और महामंत्री हरि गिरि महाराज के नेतृत्व में देशभर के लाखों साधु-संत जुड़े हुए हैं। निर्मोही अखाड़ा भी परिषद के साथ मजबूती से खड़ा है और आगामी कुंभ मेलों के शाही स्नान में परिषद के नेतृत्व में ही भागीदारी करेगा।
बैठक में आनंद अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं परिषद के कोषाध्यक्ष श्रीमहंत शंकरानंद सरस्वती महाराज, जूना अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत रामेश्वर गिरी महाराज, श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के प्रतिनिधि रघु मुनि महाराज, श्री पंच निर्मल अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा, आव्हान अखाड़ा सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत मौजूद रहे।
अखाड़ा परिषद को लेकर हाल के दिनों में उठे विवादों के बीच निर्मोही अखाड़े के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे परिषद को एक और अखाड़े का खुला समर्थन मिल गया है।



