

कृष्ण चंचल के अभिनय ने बांधा समां, बच्चों और मातृशक्ति की रही बड़ी भागीदारी
हरिद्वार। श्री निरंजनी मायापुर रामलीला संस्था के छठे वर्ष ताड़का वध की लीला देखने के लिए रामभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। परिवार सहित पहुंचे श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ से पंडाल खचाखच भर गया। ताड़का के भयानक रूप और भगवान श्रीराम-लक्ष्मण के प्रभावशाली मंचन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। दर्शकों के उत्साह और तालियों की गूंज के बीच रामलीला का मंचन यादगार बन गया।
ताड़का के रूप में कृष्ण चंचल ने शानदार अभिनय और जीवंत मेकअप से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। ताड़का की शक्ति के रूप में शिवम वर्मा और चिराग मनोचा के अभिनय को भी खूब सराहना मिली। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूपों ने अपने सजीव अभिनय से रामभक्तों का मन मोह लिया। वहीं, कृष्ण के पात्र में शहीद और शुभम पांडेय ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी। राजा दशरथ की भूमिका में रामलीला निर्देशक अंकित तिवारी ने अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छोटे बच्चों की प्रस्तुतियों को भी दर्शकों ने खूब सराहा।
दर्शकों का प्यार ही संस्था की ताकत: भोला शर्मा
संस्था के सचिव एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष भोला शर्मा ने रामलीला देखने पहुंचे सभी रामभक्तों, मातृशक्ति, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि परिवार सहित बड़ी संख्या में लोगों का रामलीला देखने पहुंचना संस्था के लिए गर्व की बात है। दर्शकों का प्रेम, सहयोग और आशीर्वाद ही संस्था की सबसे बड़ी ताकत है। बच्चों और महिलाओं की भागीदारी से नई पीढ़ी को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का उद्देश्य मजबूत होता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में जुटे कलाकारों, पदाधिकारियों, सदस्यों और कार्यकर्ताओं का भी आभार जताया।
संस्था का उद्देश्य रामलीला के मंचन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य और धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना भी प्राथमिकता है। संस्था ने भविष्य में भी रामभक्तों के सहयोग से भव्य रामलीला के आयोजन का संकल्प दोहराया।



