
*सचिव शहरी विकास ने कुंभ क्षेत्र के नगर निकायों व पंचायतरात विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रस्तावित एकीकृत कार्ययोजना को एक सप्ताह में अंतिम रूप देकर प्रस्तुत करने के निर्देश*
*कुंभ क्षेत्र के 32 सेक्टरों में 13,865 टॉयलेट सीट, 8,065 एफआरपी मूत्रालय और 4,840 डस्टबिन स्थापित करने की तैयारी*
*हरिद्वार, 5 अक्टूबर 2026*
कुंभ मेला-2027 में सफाई एवं सेनिटेशन की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय किए जाएंगे। इसके लिए शासन एवं मेला प्रशासन के स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में शहरी विकास विभाग के सचिव श्री नितेश कुमार झा ने सोमवार को मेला नियंत्रण भवन के सभागार में मेला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कुंभ क्षेत्र में शामिल सभी नगर निकायों, जिला पंचायतों एवं पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में कुंभ मेला के लिए प्रस्तावित एकीकृत सेनिटेशन कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सचिव ने सभी संबंधित निकायों एवं विभागों को अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप देकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सचिव शहरी विकास ने कहा कि आगामी कुंभ मेला में सफाई एवं सेनिटेशन की ठोस और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित निकाय एवं विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। कुंभ क्षेत्र में सफाई एवं स्वच्छता से जुड़े सभी आवश्यक प्रबंध समय से सुनिश्चित किए जाएं तथा प्रत्येक सेक्टर और निकाय स्तर पर आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं का आकलन कर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि सफाई एवं सेनिटेशन से संबंधित तैयारियों और व्यवस्थाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए शहरी विकास विभाग के डैशबोर्ड पर कुंभ क्षेत्र में शामिल सभी नगर निकायों एवं जिला पंचायतों को मैप करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा सके।
सचिव ने निर्देश दिए कि एकीकृत सेनिटेशन कार्ययोजना में कुंभ मेला से पहले, कुंभ मेला के दौरान तथा कुंभ मेला के बाद की अवधि में किए जाने वाले कार्यों एवं व्यवस्थाओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन, उपकरण, सामग्री एवं अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी अभी से सुनिश्चित की जाए, ताकि मेला अवधि में सफाई एवं सेनिटेशन व्यवस्था के संचालन में किसी प्रकार की कमी न रहे।
उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र के सभी नगर निकायों एवं जिला पंचायतों को कुंभ मेला के दौरान सफाई एवं सेनिटेशन व्यवस्था के लिए आवश्यक सामग्री, उपकरण एवं मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा। यदि किसी स्तर पर संसाधनों में कोई कमी रह जाती है तो आवश्यकता के अनुसार अन्य मदों से भी उसकी पूर्ति की जा सकेगी। उन्होंने सफाई एवं सेनिटेशन व्यवस्था के लिए खरीदे जाने वाले साजो-सामान एवं उपकरणों की समय से उपलब्धता, विभिन्न क्षेत्रों में उनके वितरण तथा कुंभ मेला के बाद उनके उपयोग को लेकर भी अभी से योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
सचिव शहरी विकास ने कुंभ मेला की एकीकृत सेनिटेशन योजना के क्रियान्वयन एवं समन्वय के लिए नगर निगम हरिद्वार के नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार को समन्वय अधिकारी की जिम्मेदारी दी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित निकाय एवं विभाग अपनी कार्ययोजना तथा कार्यों की प्रगति के संबंध में नियमित रूप से समन्वय अधिकारी को रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, ताकि एकीकृत कार्ययोजना को अंतिम रूप देने और उसके क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जा सके।
उन्होंने हरिद्वार नगर निगम के साथ ही ऋषिकेश एवं रुड़की नगर निगम, नगर पालिका शिवालिक नगर, नगर पंचायत मुनिकीरेती एवं स्वर्गाश्रम द्वारा प्रस्तावित तैयारियों की जानकारी ली। सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ नगरी की ओर आने वाले मार्गों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों, जिला पंचायतों एवं निकटवर्ती नगर निकायों के स्तर पर भी सफाई के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
सचिव ने नगर निकायों के अधिकारियों को कुंभ मेला की मद से स्ट्रीट लाइटों की स्थापना के कार्य में आवश्यक समन्वय स्थापित करने तथा कुंभ मेला के लिए चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी नियमित नजर रखने के निर्देश दिए।
सचिव शहरी विकास ने कुंभ मेला की तैयारियों के प्रारंभिक चरण में दिसंबर माह की शुरुआत से ही आवश्यक संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती करने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई कर्मियों को मक्खी-मच्छरों की रोकथाम के लिए प्रयुक्त रसायनों के सुरक्षित उपयोग, उपकरणों के संचालन तथा अन्य व्यवस्थाओं की उचित हैंडलिंग के संबंध में प्रशिक्षण देने को भी कहा।
बैठक में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, आईजी (कुंभ) डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, एसएसपी (कुंभ) श्री आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त हरिद्वार श्री नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, शहरी विकास विभाग के उप सचिव श्री प्रदीप शुक्ला, अपर मेलाधिकारी श्री आकाश जोशी, श्री मनजीत सिंह, शहरी विकास विभाग के विषय विशेषज्ञ श्री रवि पाण्डे सहित कुंभ क्षेत्र में शामिल सभी नगर निकायों के अधिकारी तथा हरिद्वार, देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं पौड़ी गढ़वाल जिलों के जिला पंचायत राज अधिकारी एवं जिला पंचायतों के अपर मुख्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार ने बैठक में कुंभ मेला के लिए प्रस्तावित एकीकृत सेनिटेशन योजना का प्रस्तुतिकरण किया। उन्होंने बताया कि कुंभ मेला के दौरान कुंभ क्षेत्र में शामिल सभी 32 सेक्टरों में 13,865 टॉयलेट सीट, 8,065 एफआरपी मूत्रालय एवं 4,840 डस्टबिन स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। सफाई व्यवस्था के लिए 493 वाहनों के उपयोग की योजना है। सीवरेज निस्तारण के लिए 6 एफएसटीपी एवं सेक्टर एमटीएफ का उपयोग किया जाएगा।
बैठक के बाद सचिव शहरी विकास ने सर्वानंद घाट से लगी मेला भूमि का निरीक्षण करते हुए इस क्षेत्र में की जाने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र भी उपस्थित रहे।



