हरि सेवा आश्रम के विशाल संत सम्मेलन में करौली शंकर दास महाराज का भव्य सम्मान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योगऋषि बाबा रामदेव और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने किया सम्मानित
हरिद्वार। हरि सेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित विशाल संत सम्मेलन में पूर्ण गुरु महामंडलेश्वर करौली शंकर दास महाराज ने सहभागिता कर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। सनातन धर्म के इस भव्य आयोजन में देशभर से पहुंचे संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच गुरुजी का विशेष सम्मान किया गया।

महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज के विशेष आमंत्रण पर सम्मेलन में पहुंचे महामंडलेश्वर करौली शंकर दास महाराज के साथ श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन (निर्वाण) के मुखिया महंत श्री भगत राम जी तथा अध्यक्ष धोनी दास भी उपस्थित रहे। संतों के इस दिव्य संगम ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब मंच पर देवभूमि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योगऋषि बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत श्री रविंद्र पुरी महाराज ने संयुक्त रूप से पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर दास जी महाराज का सम्मान किया। इस दौरान वक्ताओं ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, आध्यात्मिक जागरण और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
सम्मेलन में देश के अनेक प्रतिष्ठित संतों एवं आध्यात्मिक गुरुओं का सान्निध्य प्राप्त हुआ। इनमें शांतिकुंज के डॉ. प्रणव पंड्या, श्री कुमार स्वामी जी, कोठारी महंत जसविंदर सिंह शास्त्री,दुर्गा दास, हठयोगी बाबा , महंत ऋषिश्वरानंद तथा कोठारी महंत राघवेंद्र दास सहित कई संत-महात्मा उपस्थित रहे।
संत सम्मेलन में सनातन धर्म की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष चर्चा की गई। संतों ने समाज में आध्यात्मिक चेतना के प्रसार और राष्ट्र निर्माण में धर्म की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया।
हरि सेवा आश्रम में आयोजित यह संत सम्मेलन आध्यात्मिक चेतना, संत परंपरा और सनातन संस्कृति के भव्य उत्सव के रूप में संपन्न हुआ। पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर दास जी महाराज का सम्मान उनके अनुयायियों और सनातन धर्म प्रेमियों के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बना रहा।



