
हरिद्वार, 16 जून। समाजसेवी वरिष्ठ अधिवक्ता (डॉ.) अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री को प्रेषित एक ज्ञापन के माध्यम से श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण हेतु प्राप्त दानराशि एवं चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि भगवान श्रीराम का मंदिर करोड़ों हिन्दुओं की आस्था का केंद्र है तथा मंदिर निर्माण के लिए हिन्दू समाज ने लगभग पांच सौ वर्षों तक संघर्ष किया। देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मंदिर निर्माण हेतु दान दिया है। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि यदि दानराशि अथवा चढ़ावे के प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो यह केवल वित्तीय अनियमितता का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं एवं विश्वास से जुड़ा गंभीर मामला है।
ज्ञापन में मंदिर ट्रस्ट अथवा उससे जुड़े व्यक्तियों और कर्मचारियों की दानराशि, नकदी, स्वर्ण, रजत एवं अन्य संपत्तियों तक पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था तथा निगरानी प्रणाली की भी निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, किंतु मामले की गंभीरता, व्यापकता तथा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पूरे प्रकरण की सीबीआई से स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराए जाने तथा दानराशि एवं चढ़ावे का विशेष फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है।



