


विजय सुब्रह्मण्यम
हरिद्वार, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर रोड़ स्थित एक होटल में जनपद के 70 स्ट्रीट फूड वेंडरों को फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) के तहत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्ट्रीट फूड वेंडरों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में बताया गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा वर्ष 2018 से देशभर में फोस्टैक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से वेंडरों को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, निर्माण, परोसने तथा स्वच्छता मानकों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

कॉरपोरेट सोशल उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत नेस्ले इंडिया लिमिटेड के सहयोग तथा NASVI (National Association of Street Vendors of India) के समन्वय से उत्तराखंड राज्य में लगभग 1500 स्ट्रीट फूड वेंडरों को प्रशिक्षित किया जाना प्रस्तावित है। इसी क्रम में हरिद्वार में 70 वेंडरों को प्रशिक्षण देकर अभियान की शुरुआत की गई। नेस्ले इंडिया लिमिटेड द्वारा आगामी वर्ष तक उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में लगभग 4400 स्ट्रीट फूड वेंडरों को खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।


प्रशिक्षण कार्यक्रम में वेंडरों को स्वच्छ भोजन तैयार करने, ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने तथा खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें एफएसएसएआई के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ खाद्य सुरक्षा विभाग एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह नेगी और ज्वाइंट कमिश्नर डॉक्टर आर के सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में फूड सेफ्टी ट्रेनर अमित सिंह, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एम.एन. जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेंद्र पांडेय,कपिल देव, सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।



