
हरिद्वार। हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित कबीर कुटीर घाट पर आज रविवार को गंगा में अचानक जलस्तर बढ़ने से बड़ा हादसा होते होते टल गया। गंगा में स्नान कर रहे 21 लोग बीच धारा में बने टापू पर फंस गए। ये सभी यात्री हैं और हरिद्वार घूमने के लिए आए थे लेकिन गंगा स्नान के चक्कर में फंस गए। सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तत्परता से रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस के अनुसार, कबीर कुटीर घाट के पास गंगा के बीच बने टापू पर कुछ लोग स्नान कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बढ़ गया। ऊपर से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी का बहाव तेज हो गया और टापू चारों ओर से पानी से घिर गया। देखते ही देखते वहां मौजूद लोग फंस गए और बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इतना ही नहीं लोगों की सांस गले मे अटक गई। इस बीच पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज सप्तऋषि चौके अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके साथ जल पुलिस की टीम भी बोट और आवश्यक आपदा राहत उपकरणों के साथ पहुंची। टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद एक एक कर सभी लोगों को सुरक्षित किनारे तक लाया गया। रेस्क्यू किए गए लोगों में 10 पुरुष, 7 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं। सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। ये सभी लोग दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के रहने वाले हैं, जो हरिद्वार घूमने आए थे और गंगा स्नान के दौरान इस स्थिति में फंस गए।
एसपी सिटी अभय सिंह ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि गंगा में स्नान करते समय जलस्तर और बहाव का विशेष ध्यान रखें। नदी के बीच बने टापू या गहरे स्थानों पर जाने से बचें, क्योंकि अचानक जलस्तर बढ़ने से जान का खतरा हो सकता है। इसके साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्र में भी गंगा स्नान न करने की अपील उन्होंने आमजन से की है।



