
राष्ट्रीय सेमिनार में शिक्षाविदों को किया गया सम्मानित
हरिद्वार।
एस० एम० जे० एन० पी० जी० कॉलेज में आन्तरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ , पर्यावरण प्रकोष्ठ , स्टैंडर्ड क्लब एवं उत्तराखण्ड स्टेट काउसिंल ऑफ साइन्स एण्ड टेक्नोलोजी (यूकॉस्ट) के संयुक्त तत्वाधान में जल संरक्षण और गंगा नदी के पुनर्जीवन विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसके तकनीकी सत्र में विभिन्न संस्थानों से आये प्रतिभागियों द्वारा उच्च गुणवत्ता के शोध पत्र पढ़े गए। डी ए वी पी जी कॉलेज के डॉ पुष्पेन्द्र शर्मा ने जल संरक्षण में जैव विविधता की भूमिका को समझाया। एस० एम० जे० एन० महाविद्यालय की डॉ पूर्णिमा सुन्दरियाल ने फाइटोरेमेडिएशन विधि द्वारा जल स्त्रोतों प्रबंधन के विषय में बताया। महाविद्यालय की डॉ सरोज शर्मा ने इको फ्रेंडली तरीको से पर्यावरण संरक्षण को समझाया। धनौरी कॉलेज की डॉ प्रियंका त्यागी ने पवित्र नदियों के प्रदूषकों पर अपना शोध पत्र पढ़ा। बी आई एस के पूर्व सलाहकार डॉ जितेन्द्र सिंह नेगी ने प्रदूषण नियंत्रण में नदियों के जुड़ाव विषय पर शोध पत्र पढ़ा। शोध विद्यार्थियों की श्रेणी में दिव्या नेगी ने चमोली जिले के लेडी बर्ड बीटल की विविधता के विषय में बताया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजक सचिव डॉ विजय शर्मा ने महाविद्यालय प्रशासन, यूकॉस्ट, सभी अतिथियों, सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर शिक्षा तथा शोध में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, अलीगढ के डॉ मोहित कुमार, चमनलाल महाविद्यालय, लंढौरा की डॉ रिचा चौहान, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के डॉ उमाकांत, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के डॉ विवेक शर्मा को अवार्ड ऑफ़ एक्सीलेंस दिया गया। डी ए वी पी जी कॉलेज देहरादून के डॉ पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा को कीट विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु एंटोमोलॉजिस्ट ऑफ़ द ईयर 2025 अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ संजय माहेश्वरी को शिक्षा और समसामायिक विषयों पर निरंतर कार्य करने के लिए अवार्ड ऑफ़ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया।


