

हरिद्वार
(विजय सुब्रह्मण्यम)
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज को जूना अखाड़ा द्वारा गुरूवार को जगदगुरू शंकराचार्य बनाया गया है। जगदगुरू शंकराचार्य के पद आरूढ होने के बाद उनका नाम स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज हो गया है। स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज से विधिवत दीक्षा लेकर उन के शिष्य बन गए हैं।। जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज के निर्देशानुसार स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज का श्रीमहंत हरि गिरि महाराज व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद व मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष, श्री निंरजनी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज के पावन सानिध्य में हुए समारोह में विधिवत रूप से जगदगुरू शंकराचार्य के पद पर अभिषेक किया गया। पंचम गुरू की परम्परा में श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने चोटी गुरू, जूना अखाड़े के वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज ने भगवा गुरू, सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने रूद्राक्ष गुरू, जूना अखाड़े के उमाशंकर भारती महाराज ने विभूति गुरू व जूना अखाड़ा के उपाचार्य कपिल मुनि महाराज गोकर्ण धाम ने लंगोटी गुरू के रूप में उनका अभिषंेक किया। ब्रहमकुड घाट पर गंगा पूजन के बाद भैरो मंदिर में पूजा-अर्चना की गई और उसके बाद हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी मायादेवी मंदिर में स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज का जगदगुरू शंकराचार्य पद पर अभिषेक किया गया। जूना अखाड़ा के महामंत्री श्रीमहंत महेश पुरी महाराज, श्रीमहंत शैलेंद्र पुरी महाराज, सचिव दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री महामूडलेश्वर कंचन गिरि महाराज, सचिव महंत आनंदेश्वरानंद गिरि महाराज, महंत गिरिशानंद गिरि महाराज समेत जूना अखाड़ा के सभी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।



