रामानंद इंस्टीट्यूट ने 77 वा गणतंत्र दिवस बड़े धूमधाम से मनाया
भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां हर नागरिक को बराबरी का अधिकार प्राप्त है:श्रीमति एकता सूरी

हरिद्वार, रामानंद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड मैनेजमेंट में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया गया।संस्थान की सचिव श्रीमती एकता सूरी ने राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को फहराया। इस अवसर पर सभी उपस्थितजन ने राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण की भावना व्यक्त की। झंडारोहण के बाद सभी शिक्षकों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत गाए, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।

संस्थान के चेयरमैन श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने अपने संदेश कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे संविधान की गरिमा, समानता, न्याय और स्वतंत्रता के सिद्धांतों को जीने का अवसर है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सनातन की पताका फहराने का कार्य कर रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व में पूरे देश में चहुंमुखी विकास हो रहा है। पीएम मोदी के प्रयासों से भारत विश्व पटल पर मजबूत स्थान प्राप्त कर रहा है। सनातन संस्कृति की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में युवाओं को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के माध्यम से देश की सेवा करें और अनुशासन व नैतिक मूल्यों को अपनाएं और देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा हमारा देश विविधता में एकता का प्रतीक है। फार्मेसी, मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों को न केवल तकनीकी ज्ञान अर्जित करना चाहिए, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

संस्थान की सचिव श्रीमती एकता सूरी ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां हर नागरिक को बराबरी का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने अध्ययन के साथ-साथ राष्ट्र सेवा के लिए तैयार रहें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।
कार्यक्रम में डायरेक्टर एकेडमिक डॉ. मयंक गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर मनुज उनियाल, प्राचार्य इंजीनियरिंग सूरज राजपूत, प्राचार्य फार्मेसी कुसुम लता सहित अन्य गणमान्य शिक्षक और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। इनमें अश्वनी जगता, डॉ. रोहित, डॉ. अनुराधा, डॉ. ज्योति, सचिन विश्नोई, नवीन, अंकित, प्रियंका, कृतिका, अमित, कविता, संदीप, श्वेता, संगीता, मंजीत, हिमांशु, प्रज्वल, विश्वजीत, संजय, सौरभ, शिखा, शिवांगी, तुबा, तरन्नुम, निकिता, पूजा, आशु, सचिन, श्रुति, मनविंदर, चांदनी, निकिता, आरती, मोनिका, गरिमा, नीतू, हेमंत, मनीषा, ज्योति, वैशाली, कुनिका, मितांशी, निहारिका, कृति, रवि, मुकुल, सागर, पवन, आर्यन आदि शिक्षकगण शामिल थे।


