
हरिद्वार। वॉर्ड संख्या 1 के पार्षद आकाश भाटी ने सर्वानंद घाट के सामने स्थित नगर निगम की एक महत्वपूर्ण और बहुमूल्य संपत्ति के पुनर्विकास का प्रस्ताव नगर निगम प्रशासन के समक्ष रखा है। इस प्रस्ताव के तहत उक्त संपत्ति को एक भव्य “गंगा संग्राहलय” के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें माँ गंगा के इतिहास, धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और हरिद्वार की आध्यात्मिक पहचान को आधुनिक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा।
पार्षद आकाश भाटी ने बताया कि हरिद्वार विश्वभर में आस्था की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है और यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक एवं शोधार्थी पहुँचते हैं। ऐसे में गंगा संग्राहलय की स्थापना शहर के लिए एक नई और ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय में माँ गंगा की उत्पत्ति से लेकर धार्मिक ग्रंथों में उनके महत्व, गंगा अवतरण की पौराणिक कथाओं, विभिन्न घाटों के इतिहास, कुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों की झलकियों को चित्रों, डिजिटल डिस्प्ले, दुर्लभ दस्तावेजों और ऑडियो-विजुअल माध्यमों से प्रस्तुत किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से हरिद्वार के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंगा की महिमा और हरिद्वार की सांस्कृतिक विरासत को एक ही स्थान पर समझने का अवसर मिलेगा। इससे शहर में ठहरने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, स्थानीय कारोबार को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
पार्षद के अनुसार, नगर निगम की इस संपत्ति का सुनियोजित उपयोग नगर के हित में एक दूरदर्शी कदम होगा। संग्रहालय के माध्यम से नगर निगम को टिकट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों से स्थायी एवं नियमित आय का स्रोत भी प्राप्त हो सकता है। इससे शहर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और अन्य विकास कार्यों के लिए आर्थिक संसाधन मजबूत होंगे।
आकाश भाटी ने नगर आयुक्त नंदन कुमार से आग्रह किया है कि इस महत्वाकांक्षी और जनहितकारी प्रस्ताव पर शीघ्र विचार करते हुए आवश्यक स्वीकृतियाँ प्रदान की जाएँ, ताकि हरिद्वार की पहचान को और सशक्त करने वाली यह परियोजना जल्द से जल्द धरातल पर उतर सके। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भी इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए इसे शहर के सांस्कृतिक और पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।



