

हरिद्वार।शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचे सचिव (आवास) आर. राजेश कुमार ने शहर में प्रस्तावित 21 किलोमीटर मेट्रो पीआरटी (पॉड टैक्सी) परियोजना का संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि परियोजना की कुल लंबाई 20.74 किमी है, जिसमें 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस परियोजना को 15 फरवरी 2023 को उत्तराखंड सरकार की मंत्रिमंडल से स्वीकृति मिल चुकी है।

परियोजना के लिए कुल 4.8743 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है, जिसमें 0.8949 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 0.038 हेक्टेयर रेलवे भूमि शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के क्रियान्वयन से हरिद्वार में यातायात जाम की समस्या में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह ऑन-डिमांड, चालक-रहित और पूर्णतः स्वचालित इलेक्ट्रिक प्रणाली होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
निरीक्षण भारत माता मंदिर से प्रारंभ होकर शांतिकुंज, मोतीचूर, खड़खड़ी भीमगोड़ा होते हुए ललतारों ब्रिज तक किया गया। इसके बाद वाल्मीकि चौक, मनसा देवी रोपवे गेट, अपर रोड और हर की पौड़ी क्षेत्र का अवलोकन किया गया। हर की पौड़ी स्टेशन और दीनदयाल पार्किंग स्थल पर प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे (मां चंडी देवी व मनसा देवी मंदिर) के लोअर टर्मिनल के संबंध में भी विस्तृत चर्चा हुई।
सचिव आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप परियोजना को शीघ्र प्रारंभ किया जाए तथा आवश्यक राजकीय भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी की जाए, ताकि कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू हो सके। निरीक्षण में मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के वित्त, सिविल और तकनीकी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



