

उज्जैन, प्रयागराज और नासिक की तर्ज पर होगा 2027 हरिद्वार कुंभ
*लक्ष्य हरिद्वार ब्यूरो*
हरिद्वार, वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्द्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर बुधवार को मेला नियंत्रण भवन में मेला प्रशासन की ओर से बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी 13 अखाड़ों के साधु संतों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन केवल पांच अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने ही बैठक में सहभागिता की।

बैठक में मेला प्रशासन के अधिकारियों ने साधु-संतों के साथ आगामी अर्द्धकुंभ मेले को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को लेकर चर्चा की। अधिकारियों ने पीपीटी के माध्यम से अर्द्धकुंभ के दौरान छावनियों, धर्मध्वजा, पेशवाई और भूमि आवंटन से जुड़ी जानकारियां साझा की। इसके अलावा निर्माण कार्यों, आधारभूत सुविधाओं, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बिजली पानी की व्यवस्था, स्वच्छता और सुरक्षा इंतजामों की योजनाओं से भी अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि मेले को दिव्य और भव्य बनाने के साथ साथ श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बैठक में मौजूद संतों से सुझाव भी मांगे गए। सभी संतों ने भी अपने सुझाव रखे और समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने अखाड़ों की पारंपरिक व्यवस्थाओं, शाही स्नान की तैयारियों और साधु संतों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। मेला प्रशासन ने आश्वस्त किया कि संत समाज के सुझावों को योजना में शामिल कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी, ताकि वर्ष 2027 का अर्द्धकुंभ मेला सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक आयोजित हो सके।बैठक में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत डॉ रविंद्रपुरी महाराज, जूना अखाड़े के अंतराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी महाराज, अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरी महाराज, महेश पुरी, कंचन गिरी और महेश पुरी, आह्वान अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्यगिरि महाराज, श्रीमहंत दुर्गा गिरी महाराज, अग्नि अखाड़े से श्रीमहंत साधनानंद गिरी महाराज, श्रीमहंत महादेवानंद गिरी महाराज और आनंद अखाड़े से श्रीमहंत धनराज गिरी महाराज उपस्थित रहे। सभी साधु संतों ने कुंभ मेले से जुड़े सुझाव मेला प्रशासन के सामने रखे।
पीएम मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हरिद्वार में भव्य कुंभ का आयोजन होगा। कुंभ मेले में साधु संतों की मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर अधिकारियों से चर्चा हुई है। सभी साधु संत मुख्यमंत्री के दिव्य भव्य कुंभ के विजन को साकार करेंगे। हरिद्वार कुंभ में प्रयागराज, उज्जैन और नासिक की तर्ज पर धर्मध्वजा, पेशवाई और अमृत स्नान होंगे। उन्होंने बताया कि सभी साधु संत कुंभ मेले के आयोजन को लेकर एक हैं। जितने भी संत बैठक में शामिल नहीं हुए, वो अगली बैठक में शामिल होंगे
*श्रीमहंत डॉ रविंद्रपुरी महाराज*
अध्यक्ष,अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद,श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट, एवं सचिव पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा
कुंभ मेले को लेकर मेलाधिकारी की अध्यक्षता में अच्छे वातावरण में बैठक हुई है। मेले को दिव्य और भव्य बनाने को लेकर चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व की भांति हरिद्वार में भी सुरक्षित कुंभ मेले का आयोजन होगा। होलाष्टक लगने के कारण सभी अखाड़ों के साधु संत बैठक में नहीं आ पाए। नवरात्र के पश्चात फिर से बैठक होगी, जिसमें सभी अखाड़ों के साधु संतों की उपस्थिति नजर आएगी।
श्रीमहंत हरिगिरि महाराज
महामंत्री,अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं अंतरराष्ट्रीय संरक्षक, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े
कुंभ मेले में अमृत स्नान, पेशवाई और भूमि आवंटन को लेकर साधु संतों से चर्चा हुई है। साधु संतों के सभी सुझावों को कुंभ मेले में शामिल किया जाएगा। बैठक से पूर्व सभी अखाड़ों के साधु संतों को सूचना दी गई थी लेकिन होली के त्यौहार के कारण कई साधु संत उपस्थित नहीं हो सके। अगली बैठक में सभी साधु संतों को आमंत्रित किया जाएगा।
सोनिका ,मेलाधिकारी कुंभ मेला 2027 हरिद्वार



