
हरिद्वार,
गुरुवार को ई-रिक्शा चालकों की यूनियनों से पदाधिकारियों ने नगर निगम के प्रस्तावित ठेका प्रथा के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर निर्णय वापस लेने की मांग की। रिक्शा चालकों ने कहा कि भीमगोड़ा कुंड से हरकी पौड़ी और हरकी पौड़ी से पोस्ट ऑफिस तक क्षेत्र को जीरो जोन घोषित किए जाने के कारण करीब 11 महीने तक बैटरी रिक्शा और ऑटो रिक्शा का संचालन पूरी तरह बंद रहा, जिससे सैकड़ों गरीब परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई। कहा कि 11 फरवरी को रोशनाबाद स्थित एसएसपी कार्यालय कार्यालय पर भूख हड़ताल के बाद आश्वासन मिलने पर सीमित संख्या में दो ई-रिक्शा संचालन की अनुमति दी गई थी, जो मेले, पर्व और वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान बंद रखी जाती है। यूनियन पदाधिकारियों का आरोप है कि यदि नगर निगम ई-रिक्शा संचालन को ठेका प्रथा के तहत देता है तो चालकों और मालिकों को गंभीर आर्थिक नुकसान होगा और उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि शोषण की स्थिति में सभी चालक धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन पर ई-रिक्शा यूनियन भीमगोड़ा और अलकनंदा चैरिटेबल, हरिद्वार के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। इस अवसर पर राजकुमार, प्रेमपाल, दीपक कुमार, धर्मपाल, सचिन, विक्रम और अरविंद आदि उपस्थित रहे।



