
स्वामी विश्वनाथ पुरी महाराज त्याग तपस्या के प्रतिमूर्ति थे:श्रीमहंत डॉ रविंद्र पुरी
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में ब्रह्मलीन स्वामी विश्वनाथ पुरी महाराज की 36वीं पुण्यतिथि के अवसर पर वार्षिक भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और दिनभर भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर संत महात्मा के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्मलीन स्वामी विश्वनाथ पुरी महाराज के चित्र पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज, नगर विधायक मदन कौशिक, हरिद्वार मेयर किरण जैसल, श्री परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष अधीर कौशिक, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा तथा कांग्रेस जिला महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि त्याग तपस्या के प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी विश्वनाथ पुरी महाराज, उन्होंने सनातन धर्म, सेवा और साधना को समर्पित किया। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और ऐसे आयोजनों से उनकी स्मृतियों को जीवंत रखा जाता है।
प्राचीन हनुमान मंदिर के महंत रवि पुरी ने कहा कि स्वामी विश्वनाथ पुरी महाराज ने मंदिर परंपरा को सुदृढ़ किया और धार्मिक कार्यों के माध्यम से समाज को एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भंडारे का आयोजन सेवा भावना का प्रतीक है, जिसमें बिना भेदभाव के सभी श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
नगर विधायक मदन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संत-महात्माओं ने सशक्त बनाया है। स्वामी विश्वनाथ पुरी महाराज जैसे संतों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने आयोजन के लिए मंदिर प्रशासन को बधाई दी।
कार्यक्रम में नगर विधायक मदन कौशिक, मेयर किरण जैसल, अधीर कौशिक, कांग्रेस जिला महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पार्षद दीपक शर्मा, हिमांशु गुप्ता, पूर्व पार्षद विनीत जौली सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


