
विजय सुब्रह्मण्यम
हरिद्वार, ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी के पावन अवसर पर रामानंद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड मैनेजमेंट, हरिद्वार में बड़ी ही श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। संस्थान के परिसर में स्टाफ और छात्र छात्राओं ने विशेष सज्जा की गई मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर, फूलों की मालाएं चढ़ाकर और मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजन संपन्न किया। सभी ने मिलकर सरस्वती वंदना गाई और संस्थान में शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा और विद्या के महत्व को रेखांकित करना था, जिसमें शिक्षक और छात्र सभी ने मिलकर देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी जी महाराज ने सभी उपस्थितजनों को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा इस संसार में विद्या ही सबसे बड़ा धन है। विद्या वह अनमोल संपदा है जो कभी क्षीण नहीं होती, बल्कि बांटने से और बढ़ती जाती है। उन्होंने सभी शिक्षकों को विशेष बधाई देते हुए कहा कि गुरु और शिक्षक ही समाज को प्रकाशित करने वाले दीपक हैं, जो नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं। श्रीमहंत जी ने युवाओं से अपील की कि वे मां सरस्वती के आशीर्वाद से ज्ञान अर्जन करें और देश-समाज की सेवा में लगें।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक अकादमिक डॉ. मयंक गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर मनुज उनियाल, प्रिंसिपल सूरज राजपूत, प्रिंसिपल कुसुम लता सहित दर्जनों शिक्षकगण उपस्थित रहे। शिक्षकगणों में डॉ. रोहित, डॉ. परितोष, सचिन, नवीन, अश्वनी जगता, हिमांशु, प्रियंका, गरिमा, शिखा, मोनिका, श्रुति, अमित, संदीप, अंकित, आशु, रवि, राबिता, मनीषा, आरती आदि शामिल थे।


